बरेली: बरेली नगर निगम में सोमवार को हुई सदन में जहां विपक्ष के पार्षदों ने जनता से जुड़े मुद्दे उठाए तो वहीं, सत्ता पक्ष के पार्षद भी पीछे नहीं रहे। नगर निगम की इस बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा आवारा कुत्तों, बंदरों और गौवंश का रहा। इस दौरान मीटिंग में मुर्दाबाद के नारे भी लगे। वहीं, मेयर डॉ. उमेश गौतम ने सभी पार्षदों को शांत कराया और कहा कि अगर नगर निगम के अधिकारी पार्षदों की बात नहीं सुनते हैं तो उनके खिलाफ अगली मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा। इस पर पूरे सदन ने मेज थप-थपाकर उनकी बात का स्वागत किया।
इस बैठक में बंदरों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। इस पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने कहा कि बंदरों के हमले से रोजाना लोग घायल हो रहे हैं। इस पर नगर निगम के अधिकारी ने कहा कि सभी 80 वार्डों में बंदर पकड़े गए हैं। इस दावे पर पार्षदों ने हंगामा कर दिया। पार्षद एक सुर में बोले कि नगर निगम के अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। अगर बंदर पकड़े गए होते तो हमारे क्षेत्र में बंदर क्यों दिखाई देते? इसके बाद पार्षद अधिकारियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक
बरेली में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कुत्तों का आतंक इस कदर है कि रोजाना बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी इनका निशाना बन रहे हैं। जीआरएम स्कूल के पांचवीं कक्षा के एक छात्र पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया। उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी की बात कही है। इसी तरह कुत्ते रोजाना सैकड़ों लोगों पर हमला कर रहे हैं। आज की नगर निगम की सदन की मीटिंग में भी सबसे ज्यादा मुद्दा कुत्तों का ही उठा।
सपा पार्षद गौरव सक्सेना ने कहा कि आवारा कुत्तों की वजह से जनता बहुत परेशान है। बंदरों के मुद्दे को मेयर डॉ. उमेश गौतम ने गंभीरता से लेते हुए कहा कि हर वार्ड में रोस्टर के हिसाब से बंदर और कुत्ते पकड़े जाएंगे। हर वार्ड के पार्षद को टीम जाकर जानकारी देगी और जो भी कुत्ते-बंदर पकड़े जाएंगे, उनकी रोजाना रिपोर्ट पार्षदों को भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुत्तों और बंदरों की समस्या बहुत गंभीर है। नगर निगम के अधिकारी सुनिश्चित करें कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पार्षद बोले- गौशाला में गाय भूखी मर रहीं, मेयर बोले- गलत आरोप
नगर निगम की गौशाला को लेकर पार्षद गौरव सक्सेना ने आरोप लगाया कि गौशाला में गौवंश भूख से मर रहे हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। पार्षद ने कहा कि गौशाला में किसी को जाने नहीं दिया जाता और न ही वहां किसी को मोबाइल ले जाने की अनुमति है। इस पर मेयर ने कहा कि नगर निगम की गौशाला सबसे अच्छी है। वहां गौवंश पूरी तरह सुरक्षित है। उन्हें खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं है। मेयर ने कहा कि जो पार्षद वहां जाना चाहते हैं, वे हमें बताएं। वे जाकर व्यवस्थाएं देख सकते हैं।
मेयर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि हर किसी को वहां जाने की इजाजत इसलिए नहीं है। क्योंकि कोई भी जाकर फर्जी रिपोर्टिंग कर सकता है। अगर कोई गाय सो रही होगी तो उसे मर रही दिखाकर अफवाह फैला सकता है। इतना ही नहीं, कोई संदिग्ध व्यक्ति गाय को जहर भी दे सकता है, जिससे उनकी मौत हो सकती है। उन्होंने कहा कि आपको तो खुश होना चाहिए कि शासन से जो भी अधिकारी आए हैं, उन्होंने नगर निगम की गौशाला की तारीफ की है। इस पर सदन में मौजूद पार्षदों ने मेज थपथपाकर उनकी बात का समर्थन किया।
मीटिंग में मेयर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल गंगवार, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य समेत सभी अधिकारी मिलीजूद रहे।