प्रयागराज: माघ मेला प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच जारी विवाद के बीच किन्नर अखाड़ा से महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी को बाहर कर दिया गया है। इसकी पुष्टि अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने वीडियो जारी कर किया। उन्होंने कहा कि अखाड़े के पदाधिकारी से बैठक करके यह निर्णय लिया है। अब ममता कुलकर्णी से अखाड़े का कोई संबंध नहीं है। वह अखाड़े की अधिकारी या सदस्य नहीं हैं। हमारे अखाड़े में महिला भी हैं, पुरुष भी हैं और किन्नर भी हैं। हम किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। मौनी अमावस्या के दिन जिस तरह से बटुक ब्राह्मणों को शिखा पकड़कर पीटा गया, इससे हमारी भी नाराजगी है।
25 जनवरी (रविवार) को ममता कुलकर्णी (यामाई ममता नंद गिरि) ने अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा था कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें शून्य ज्ञान है। इसके अलावा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से 2 सवाल भी पूछे थे-
पहला: उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया?
दूसरा: करोड़ों की भीड़ में रथ (पालकी) लेकर निकलने की क्या जरूरत थी?
ममता ने कहा था– अविमुक्तेश्वरांनद के कारण उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी
ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया था कि अविमुक्तेश्वरांनद की वजह से ही उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। अगर स्नान करना ही था तो पालकी से उतरकर पैदल जाकर किया जा सकता था। गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी से भरा आचरण होता है। न कि ऐसी जिद, जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े।
ममता कुलकर्णी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए थे। पूछा था कि क्या वे गोहत्या रोकने का वचन दे सकते हैं। जिस गोहत्या को रोकने की बात की जा रही, क्या उस पर अखिलेश यादव कोई ठोस आश्वासन देंगे? ममता ने ऋग्वेद में ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का हवाला दिया और कहा कि धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए।
पीएम मोदी की तारीफ की थी
IANS न्यूज एजेंसी से बातचीत में ममता कुलकर्णी ने पीएम मोदी की तारीफ की थी। कहा था- पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा फिलहाल कोई विकल्प नजर नहीं आता और मोदी ही आगे भी रहेंगे। हालात देखिए, पीएम मोदी हैं तो फिर कहीं कुछ गलत नहीं हो रहा। अगर किसी को गलत लग रहा है तो बताइए।
उन्होंने कहा कि हम सब कुछ शांतिपूर्वक कर रहे हैं। किसी को कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा था- ये लोग यानी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद जी, समाजवादी पार्टी की ओर झुक रहे हैं क्योंकि उनका एक ही मुद्दा है। गायों की हत्या नहीं होनी चाहिए। तो क्या अखिलेश यादव के साथ जाने से ये सवाल हल हो जाएंगे।
बिना नाम लिए कहा था अहंकारी
ममता कुलकर्णी ने कहा था- राजा हो या रंक, सभी को कानून का पालन करना होता है और किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। केवल चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता है। उनमें (अविमुक्तेश्वरानंद) काफी अहंकार है और आत्मज्ञान शून्य है।
ममता ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से ज्यादा काबिल बताया था। साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कहा था- पिछले साल बीजेपी ने बंगाल में पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन महाकाली की शक्ति से ममता बनर्जी की जीत हुई। ममता कुलकर्णी ने यह भी साफ किया था कि वह इस जन्म में बॉलीवुड में वापस नहीं जाएंगी और उन्हें महामंडलेश्वर पद से भी मुक्त होना है।