लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (20 फरवरी) को महाकुंभ सहित सभी 76 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। आगामी दिनों में होली, शब-ए-बारात, रमजान, चैत्र नवरात्रि, राम नवमी आदि त्योहारों को लेकर सभी जिलों के अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि होली के दिन ही शुक्रवार की नमाज होगी। महाशिवरात्रि के दिन आखिरी स्नान के साथ महाकुंभ का समापन होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम आएंगे। व्यवस्था में चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी ने महाकुंभ के अफसरों से कहा कि श्रद्धालुओं को संगम स्नान के लिए कम से कम पैदल चलना पड़े, इसकी व्यवस्था करें। संगम स्नान के लिए श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल मिलता रहे। जल की गुणवत्ता बनी रहे, लगातार मॉनिटरिंग करते रहें। महाशिवरात्रि पर काशी में 15 से 25 लाख श्रद्धालु आ सकते हैं। सबकी सुरक्षा और सबको सुविधा दें। शिव मंदिरों की सफाई, लाइटिंग, मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों की सफाई, पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन को बेहतर तरीके से प्लान करें।
होली के दिन जुमे की नमाज, अलर्ट रहे पुलिस और प्रशासन
सीएम योगी ने कहा कि इस समय हम सभी प्रयागराज महाकुंभ से जुड़े हुए हैं। इसका समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होना है। इसी तरह 1 या 2 मार्च से रमजान माह शुरू हो रहा है। फिर 13 मार्च को होलिका दहन और 14 मार्च को होली है। 14 मार्च को होली के दिन जुमे की नमाज भी है। पुलिस और प्रशासन से जुड़े सभी अफसर ग्राउंड पर रहें। सतर्कता और सावधानी के बीच शांति से त्योहार संपन्न हो। इसी तरह मार्च में ही नवरोज, चैत्र नवरात्रि, राम नवमी और 30 या 31 मार्च को ईद-उल-फितर जैसे अकई त्योहार मनाए जाएंगे। कई जगहों पर शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।
संगम पर श्रद्धालुओं को कम चलना पड़े, ऐसी व्यवस्था बनाएं
महाकुंभ का अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को होगा। प्रयागराज में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं आएंगे। ट्रैफिक, रूट प्लान आदि अच्छे से लागू किया जाए। वाहन सड़क पर कतई खड़े न रहें, मूवमेंट चलता रहे। ऐसी व्यवस्था बनाएं कि श्रद्धालुओं को संगम स्नान के लिए कम से कम पैदल चलना पड़े। संगम स्नान के लिए श्रद्धालु सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करें। पांटून पुलों का निरीक्षण एक बार फिर कर लें। किसी भी स्तर पर चूक की संभावना न रहे। एडीजी जोन और कमिश्नर प्रयागराज महाकुंभ मेला प्रशासन, प्रयागराज प्रशासन पड़ोसी जिलों के प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाएं। महाकुंभ में जिनकी ड्यूटी लगी है, उनका वेतन और मानदेय तत्काल दिया जाए।