लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में आयोजित हुए 45 दिवसीय महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025) ने विश्वभर में अपनी पहचान बनाई है। दुनिया की प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में महाकुंभ का सफल भोजन प्रबंधन (फूड मैनेजमेंट) पाठ्यक्रम के रूप में एमबीए (MBA) स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाएगा। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से महाकुंभ के फूड मैनेजमेंट पर केस स्टडी तैयार की जा रही है।
देश के आईआईटी और आईआईएम सहित अन्य शिक्षण संस्थान भी महाकुंभ के मैनेजमेंट पर अलग-अलग विषयों की केस स्टडी तैयार कर अपने पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी कर रहे हैं। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की अध्यक्षता में एक अप्रैल को बैठक हुई। इसमें महाकुंभ पर स्टडी कर रहे शिक्षण संस्थानों ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट का प्रजेंटेशन दिया।
महाकुंभ के फूड मैनेजमेंट पर स्टडी
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे फूड मैनेजमेंट पर केस स्टडी तैयार कर रहे हैं। किस तरह 45 दिन के महाकुंभ में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। मगर, एक भी श्रद्धालु एक भी दिन कुंभ में ना भूखा सोया, ना भूखा लौटा। महाकुंभ में आए हर श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए सरकार की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई थी। वहीं समाजसेवी संस्थाओं, देश के प्रमुख उद्योग समूह अंबानी और अडाणी के साथ बड़ी कंपनियों, साधु-संतों, मठों, सामाजिक और व्यापारिक संस्थानों ने निशुल्क भोजन की व्यवस्था की। भोजन की व्यवस्था भी ऐसी कि किसी श्रद्धालु को यह एहसास न हो कि वह मुफ्त में दान का भोजन खा रहा है। उसे प्रसाद स्वरूप भोजन खिलाया गया।
यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि इसकी केस स्टडी जल्द तैयार होगी। उसे यूनिवर्सिटी के प्रबंधन के सामने पेश कर एमबीए के पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एमबीए के पाठ्यक्रम में शामिल होगा।
मेले के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव पर भी स्टडी
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से महाकुंभ मेले से यूपी की अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रभाव पर केस स्टडी तैयार की जा रही है। इसका विषय ‘महाकुंभ मेले का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव’ है। स्टडी में बताया जाएगा कि सरकार ने महाकुंभ पर करीब 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। लेकिन, महाकुंभ से यूपी में 3 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ। नाविकों से लेकर छोटे-छोटे दुकानदारों, व्यापारियों की आय बढ़ी।
वहीं, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी की ओर से महाकुंभ का मानवशास्त्रीय अध्ययन नृवंशविज्ञान (Ethnography) संबंधी विवरणों के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें महाकुंभ के प्रति लोगों की आस्था और उसके धार्मिक प्रभाव को शामिल किया जाएगा।
वाटर मैनेजमेंट पर आईआईटी चेन्नई कर रहा स्टडी
आईआईटी चेन्नई की ओर से जल एवं अपशिष्ट जल का मूल्यांकन प्रबंधन पर केस स्टडी तैयार की जा रही है। किस तरह 45 दिन तक 66 करोड़ लोगों के लिए महाकुंभ में स्नान के लिए संगम में स्वच्छ जल के साथ पेयजल, स्नान आदि की व्यवस्था की गई। अपशिष्ट जल का किस तरह मैनेजमेंट किया गया।
सोशल मीडिया पर नजर की भी स्टडी
आईआईटी कानपुर की ओर से महाकुंभ 2025 के लिए सोशल मीडिया पर नजर पर स्टडी तैयार की जा रही है। किस तरह सरकार के तंत्र ने सोशल मीडिया पर महाकुंभ का प्रचार-प्रसार किया। वहीं, महाकुंभ को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखकर तुरंत स्थिति स्पष्ट की, ताकि कोई गलत सूचना जनता के बीच नहीं जाए।
हेल्थ सिस्टम पर स्टडी कर रहा एम्स दिल्ली
एम्स दिल्ली के प्रतिनिधियों ने बताया कि महाकुंभ में लोगों के इलाज, भगदड़ के समय घायलों को तुरंत उपचार, 66 करोड़ लोगों के महाकुंभ में किसी बीमारी का नहीं फैलना, अस्वस्थ श्रद्धालुओं का तुरंत इलाज सहित अन्य विषयों पर अध्ययन किया जा रहा है।
महाकुंभ की रणनीति पर स्टडी कर रहा आईआईएम लखनऊ
आईआईएम लखनऊ और आईआईएम बेंगलुरु, महाकुंभ 2025 के कुशल आयोजन के लिए रणनीतिक योजना और प्रबंधन रणनीतियों में सर्वोत्तम प्रथाओं पर अध्ययन कर रहे हैं। इसमें बताया जाएगा कि किस तरह महाकुंभ की 2 साल पहले तैयारी शुरू की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर तमाम आला अफसरों ने समय-समय पर समीक्षा की। डिजिटल महाकुंभ से लेकर खोया-पाया केंद्र, महाकुंभ में AI के उपयोग, हजारों से सीसीटीवी से नजर जैसे बिन्दुओं को शामिल किया जाएगा।
पर्यटन और सोशल मीडिया प्रबंधन पर स्टडी
आईआईएम इंदौर की ओर से महाकुंभ में पर्यटन को बढ़ावा देने, मीडिया की भूमिका और कार्यक्रम कवरेज तथा महाकुंभ 2025 के लिए सोशल मीडिया प्रबंधन में सर्वोत्तम अभ्यास विषय पर स्टडी की जा रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया ने महाकुंभ का प्रचार-प्रसार किस तरह किया।
इस संबंध में महाकुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा, “महाकुंभ के सफल आयोजन को लेकर कई शिक्षण संस्थान अध्ययन कर रहे हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी महाकुंभ के भोजन प्रबंधन पर अध्ययन कर रही है। यूनिवर्सिटी की ओर से इसे एमबीए के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात भी कही गई है।”