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Magh Mela 2026: मौनी अमावस्या पर 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना, तैयारियां पूरी!

Magh Mela 2026: मौनी अमावस्या पर 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना, तैयारियां पूरी!

Magh Mela 2026: मौनी अमावस्या पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। मेले में एक अतिरिक्त स्नान घाट ‘काली पार्ट-दो’ का विस्तार किया गया है। लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में ही स्नान की व्यवस्था की जा रही है जिससे संगम क्षेत्र पर दबाव कम किया जा सके। शुक्रवार तड़के से ही स्नान का क्रम शुरू हो गया। संगम नोज के अलावा नैनी के अरैल, झूंसी और संगम क्षेत्र के प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

अनुमान के अनुसार शुक्रवार को 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि प्रशासन के मुताबिक देर शाम तक 25 से 30 लाख लोगों की मेला क्षेत्र में मौजूदगी दर्ज की गई। इसमें काफी संख्या में कल्पवासी भी शामिल रहे। मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का प्रयागराज पहुंचने का सिलसिला जारी है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने से भीड़ में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

मेला क्षेत्र को नौ सर्किल में विभाजित किया गया

मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मेला क्षेत्र को नौ सर्किल में विभाजित किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए 16 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं और लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रमुख स्नान पर्व पर तीन से साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। इस ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था, डायवर्जन, एआई आधारित सर्विलांस और भीड़ प्रबंधन को और मजबूत किया गया है। इसके साथ ही जल यातायात योजना, रेडियो संचार, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सॉफ्ट स्किल, पांटून पुल, अग्निशमन, सुरक्षा, अभिसूचना और साइबर अपराध से संबंधित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग

इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसे अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। 17 जनवरी की रात 11:53 बजे से अमावस्या तिथि प्रारंभ होकर 18 जनवरी की रात 1:09 बजे तक रहेगी। इस अवधि में किया गया स्नान, व्रत, ध्यान, जप और हवन विशेष पुण्य फल प्रदान करने वाला माना गया है।

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