-
छतर मंजिल से जरनैल कोठी तक, छात्रों ने जाना लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों का महत्व
Lucknow: प्रदेश में भारतीय विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के महत्व से परिचित कराना और उन्हें विरासत संरक्षण के लिए नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने छतर मंजिल और जनरल कोठी, कैसरबाग का भ्रमण किया। इस दौरान इन स्थलों के इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सरल और स्पष्ट भाषा में दी गई, ताकि छात्र इन धरोहरों को बेहतर तरीके से समझ सकें। इस दौरान विद्यार्थियों को विरासत की परिभाषा, स्वरूप, प्रकृति और उसकी पहचान के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
युवाओं को अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना ही उद्देश्य: जयवीर सिंह
साथ ही विद्यार्थियों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। ताकि वे इन धरोहरों को समझें और उन पर गर्व करें। उन्होंने बताया विरासत केवल अतीत की याद नहीं, बल्कि हमारी पहचान और भविष्य की दिशा भी है। इसलिए युवा पीढ़ी जागरूक और संवेदनशील बनकर सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस मौके पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय और जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय के कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।