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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने गिनाए नियमित टीकाकरण के फायदे
Lucknow: नवजात एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाने और 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव करने में नियमित टीकाकरण की अहम भूमिका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों (पोलियो, टीबी, निमोनिया, इन्फ्लूएंजा, डायरिया, मीजल्स, रूबेला, हिपेटाईटिस बी, टिटेनस, दिमागी बुखार, काली खांसी, गलघोंटू) से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण किया जाता है। यह बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कुपोषण से बचाता है, जिससे बच्चे का सर्वांगीण विकास होता है। इसके अलावा गर्भवती को टिटेनस एवं व्यस्क डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाता है। टीकाकरण में वृद्धि लाने के सरकार ने प्रयास किये और जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं।
घबराएं नहीं, अपने बच्चों को टीका जरूर लगवाएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पिछले साल अप्रैल से नवम्बर तक 40,468 टीकाकरण सत्रों का आयोजन किया गया था जबकि इस साल अब तक 44,572 टीकाकरण सत्रों का आयोजन किया जा चुका है। अप्रैल-नवम्बर 2024 तक शून्य से पांच साल तक के 78,465 बच्चों का नियमित टीकाकरण व 28,763 गर्भवती का टीकाकरण किया गया था जबकि इस साल अप्रैल से अब तक 83,582 बच्चों का नियमित टीकाकरण व 36,109 गर्भवती का टीकाकरण किया जा चुका है जबकि अभी चार महीने शेष हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं। टीका लगने के बाद बुखार आने का मतलब है कि टीका प्रभावी है। इसलिए घबराएं नहीं और अपने बच्चों को पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीका लगवाएं। अब रविवार को भी चिकित्सा इकाईयों पर टीकाकरण किया जाता है। स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीका नि:शुल्क लगता है। पांच साल में सात बार बच्चों का टीकाकरण करवा कर उन्हें जानलेवा बीमारियों से बचाएं और भविष्य उज्ज्वल बनाएं।
इस वजह से हुई है टीकाकरण में वृद्धि
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के शहरी क्षेत्र की आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) व जिला अस्पतालों में सप्ताह के सात दिनों तथा 54 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सप्ताह में छह दिन तथा 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर पर प्रत्येक माह में दो दिन अथवा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सत्रों के आयोजन से टीकाकरण में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही चिकित्सा इकाई के 500 मीटर की दूरी पर लगने वाले टीकाकरण सत्रों को उनके घर के समीप ही लगाए जाने के कारण लाभार्थियों को लाभ मिला है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता व अन्य स्वास्थ्यकर्मी समुदाय को टीकाकरण के लाभों तथा टीका न लगवाने वाले लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करते हैं जिसमें सहयोगी संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं।