लखनऊ: राजधानी के काकोरी में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने के साथ ही आरोपी सिपाही और उसकी पत्नी को जेल भेज दिया है। घटना में शामिल अन्य तीन आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस पूछताछ में घटना के मास्टरमाइंड सिपाही ने बताया कि पत्नी के प्रेमी मनोज की हत्या की साजिश उसने एक महीने पहले रची थी।
आरोपी ने बताया कि रोहित, मनोज के साथ था और इस वजह से उसकी भी हत्या करनी पड़ी। वहीं, घटना से गुस्साए परिजनों ने रविवार को भी शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के समझाने के बाद शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
काकोरी के पानखेड़ा निवासी मनोज राजपूत शुक्रवार रात 8 बजे अपने दोस्त रोहित राजपूत के साथ जन्मदिन पार्टी में जाने की बात कहकर निकला था। दो घंटे बाद नगवा पुल के पास दोनों का खून से लथपथ शव मिला था। एक का गला और दूसरे के दोनों हाथों की नसें काट दी गई थीं। आरोपी सिपाही महेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि मेरी शादी 20 जून, 2021 को बरकताबाद निवासी अंकिता उर्फ दीपिका से हुई थी। हमारे में बीच सब कुछ अच्छा चल रहा था। इसके बाद मैं ड्यूटी पर लखीमपुर चला गया। पत्नी से फोन पर बातचीत होती थी। इस दौरान अंकिता फोन देर रात अक्सर बिजी जाने लगा।
सिपाही ने बताया कि पत्नी वजह पूछने पर अलग-अलग बहाने बनाकर टाल देती थी। इस पर विभाग और स्टाफ की मदद से कॉल करने वाले की जानकारी जुटाई। 24 दिसंबर, 2024 को मनोज के बारे में जानकारी हुई। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। अंकिता से पूछा कि किसी एक चुनना होगा तो उसने मुझे चुना और मनोज से दूरी बनाने की बात कही।
ड्यूटी के दौरान पहले भी कई बार मारने की कोशिश
आरोपी महेंद्र ने बताया कि अंकिता ने जब साथ रहने के लिए बोला तो मनोज की हत्या की योजना बनाई, जिसमें तीन दोस्तों को शामिल किया। कई बार कोशिश की, लेकिन असफल रहा। ड्यूटी के दौरान ही मारने की कोशिश थी, जिससे किसी को शक न हो और मनोज को मार भी दिया जाए।
आरोपी ने बताया कि योजना के तहत फर्जी आधार कार्ड पर दो सिम कार्ड खरीदे। एक पत्नी को दिया और एक सिम अपने पास रखा। दोनों सिम कीपैड वाले मोबाइल में लगाए। इसके बाद उसी सिम से प्रेमी मनोज से भी बात करवाता और खुद भी उसी नंबर से बात करता, जिससे कॉल डिटेल से पुलिस उस नंबर को ट्रेस करके गुमराह हो जाए। केस ब्लाइंड मर्डर में जाकर बंद हो जाए।
शादी के बाद भी मनोज मिलने जाता था
पूछताछ में पता चला कि मनोज का लंबे समय से ईंट गांव की रहने वाली सिपाही की पत्नी से अफेयर चल रहा था। डेढ़ साल पहले प्रेमिका की काकोरी के पुरैना गांव में 2018 बैच के सिपाही महेन्द्र कुमार से शादी हो गई। इसके बाद भी मनोज प्रेमिका से बातें करता, उससे मिलने भी जाता।
कुछ दिन पहले सिपाही को पत्नी के अफेयर के बारे में पता चला। इसके बाद से वह मनोज की हत्या की साजिश रच रहा था। अंकिता को पूछताछ के लिए पकड़ा तो पहले गुमराह करती रही। इसके बाद फर्जी नंबर की सीडीआर से ही उसके पति को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर जुर्म कबूल कर लिया।
अयोध्या से ड्यूटी से लौटते वक्त हत्या करके लखीमपुर पहुंचा
सिपाही महेंद्र की अयोध्या में ड्यूटी चल रही थी। इस दौरान महेंद्र ने पत्नी अंकिता को बताया कि 21 मार्च को ड्यूटी खत्म करके लखीमपुर जाएगा। उस दिन मनोज को मिलने बुलाओ और हत्या करके लखीमपुर निकल जाएंगे। प्लान के तहत अंकिता ने बरकताबाद पुलिया पर मनोज को मिलने के लिए बुलाया, जहां महेंद्र पहले से अपने तीन साथियों के साथ बैठा था। मनोज के पहुंचते ही उस पर हासिए से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
महेंद्र ने बताया कि रोहित को मारने का इरादा नहीं था, वो साथ में पढ़ाई किया था और इस वजह से पहचानता था। अगर उसको छोड़ देते तो पकड़े जाते, इसलिए पहुंचते ही पहले रोहित का गला रेता। फिर मनोज पर ताबड़तोड़ वार कर जान से मार दिया।