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‘आप’ अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने बोले– उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनआक्रोश बढ़ता जा रहा
UP: आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर योगी सरकार और बिजली कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ भारी जनआक्रोश है और यह योजना जनता की सुविधा के बजाय लूट का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को “लूट मीटर” करार देते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और बिजली व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है। विनय पटेल ने कहा कि वर्ष 2018 में लगाए गए 2G स्मार्ट मीटर का भी जनता ने विरोध किया था, क्योंकि उनसे 15 से 20 प्रतिशत तक अधिक बिल आ रहे थे। उस समय सरकार ने दावा किया था कि ये मीटर 8 वर्षों तक चलेंगे, लेकिन अब उन्हें हटाकर 4G स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
परेशानियों से गुजर रही आम जनता
उन्होंने आरोप लगाया कि ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिना सहमति के लगाए जा रहे हैं, जो इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 55 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके साथ ही प्रीपेड सिस्टम में सबसे बड़ी समस्या यह है कि जैसे ही रिचार्ज खत्म होता है, तुरंत बिजली कट जाती है और रिचार्ज करने के बाद भी 12 से 36 घंटे तक बिजली बहाल नहीं होती। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है। विनय पटेल ने कहा कि प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा, बहराइच, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर समेत कई जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं। जहां पहले 200-300 रुपये का बिल आता था, अब वही 2500-2600 रुपये तक पहुंच रहा है, और कई मामलों में 20 हजार रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने इसे सीधे-सीधे उपभोक्ताओं के साथ धोखा और आर्थिक शोषण बताया।
विनय पटेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की मांग है कि बिना सहमति लगाए गए स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाया जाए, प्रीपेड सिस्टम की खामियों को दूर किया जाए, बिजली कटौती और देरी से बहाली की समस्या को खत्म किया जाए, और पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।