नई दिल्ली: ओला और ऊबर की तरह अब देश में पहली सहकारी टैक्सी सेवा शुरू होने जा रही है। इसी साल दिसंबर से शुरू होने वाली इस सेवा का नाम ‘भारत टैक्सी’ है। 650 ड्राइवरों के साथ इसका पायलट प्रोजेक्ट सबसे पहले नवंबर में दिल्ली से शुरू होगा। इसके बाद अगले महीने से देश के बाकी राज्यों में इसका विस्तार होगा। तब तक इससे 5 हजार ड्राइवर और महिला ‘सारथी’ इससे जुड़ जाएंगी।
अभी ओला-उबर जैसी निजी कंपनियां टैक्सी सर्विस दे रही हैं, लेकिन कई बार इनमें सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार खुद की निगरानी वाली टैक्सी सर्विस ला रही है। भारत टैक्सी पहला राष्ट्रीय सहकारी राइड हेलिंग प्लेटफार्म है, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने तैयार किया है। इसमें ड्राइवर भी सह-मालिक होंगे। इसके लिए सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ बीते दिनों एमओयू हो चुका है।

भारत टैक्सी को कौन चलाएगा?
- यह सदस्यता आधारित मॉडल है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। इसकी स्थापना जून में ₹300 करोड़ की रकम के साथ हुई।
- एप आधारित यह सेवा डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसकी एक संचालन परिषद होगी, जिसमें अमूल के एमडी जयेन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उप प्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन हैं।
- इसके अलावा 8 अन्य सदस्य भी हैं, जो देश की विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इस बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर को हो चुकी है।
2030 तक कैसे आगे बढ़ेगी यह सेवा?
- दिसंबर से मार्च 2026 तक राजकोट, मुंबई, पुणे में सर्विस। ड्राइवर 5 हजार होंगे। मल्टी स्टेट ऑपरेशन।
- अप्रैल से दिसंबर के बीच लखनऊ, भोपाल, जयपुर में शुरुआत होगी। 15 हजार ड्राइवर और 10 हजार गाड़ियां हो जाएंगी।
- 2027-28 में 20 शहरों में 50 हजार ड्राइवर्स के साथ पैन इंडिया सर्विस मिलने लगेगी। इसे फास्टैग से जोड़ेंगे।
- 2028-2030 के बीच जिला मुख्यालयों, गांवों में एक लाख ड्राइवरों के साथ सेवा शुरू होगी।