लेह: लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने के बाद पुलिस अब उनके पाकिस्तान और बांग्लादेश से संबंधों की जांच करेगी। लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने शनिवार को कहा कि हमने कुछ दिन पहले पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटिव (PIO) के एक सदस्य को पकड़ा था। वह वांगचुक से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था।
यही नहीं, सोनम वांगचुक पाकिस्तान के न्यूजपेपर डॉन के एक इवेंट कार्यक्रम में शामिल भी हुए थे। इसके अलावा वे बांग्लादेश भी जा चुके हैं। उधर हिंसा को लेकर डीजीपी ने कहा कि, हमने सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की, नहीं तो पूरा लेह जल जाता।
#WATCH लेह: 24 सितंबर की हिंसा पर बोलते हुए लद्दाख के डीजीपी डॉ. एसडी सिंह जामवाल ने कहा, "लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की राजनीतिक मांग उठ रही है। लेह एपेक्स बॉडी और केडीए ने सरकार के साथ लंबी चर्चा की है…यह एक सतत प्रक्रिया है,… pic.twitter.com/Rtf0fnAq9k
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 27, 2025
अब तक 60 लोगों की गिरफ्तारियां
लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा में 4 युवकों की मौत हुई थी और 80 लोग घायल हुए थे, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लेह में तीन दिन के कर्फ्यू के बाद शनिवार दोपहर चार घंटे के लिए ढील दी गई।
वांगचुक को शुक्रवार दोपहर पुलिस ने उनके गांव उल्याकटोपो से गिरफ्तार किया। उन्हें एयरलिफ्ट कर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है, जिसके तहत लंबे समय तक बिना जमानत हिरासत में रखा जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही पुलिस ने किया गिरफ्तार
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जब वे लेह नहीं पहुंचे तो आयोजकों को शक हुआ। बाद में गिरफ्तारी की खबर मिली। इसके बावजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। आयोजकों ने माना, हिंसा उन युवाओं से हुई जो ‘काबू से बाहर’ हो गए थे, लेकिन इसमें किसी विदेशी ताकत का हाथ नहीं है।
#WATCH | लेह हिंसा | लद्दाख के DGP डॉ. एस.डी. सिंह जामवाल ने कहा, "…यह सिर्फ एक घटना है, मुझे लगता है कि लद्दाख फिर से पुनर्जीवित होगा और वहां लोगों के लिए वही संस्कृति और आतिथ्य होगा।" pic.twitter.com/G1Qc0lSmyi
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 27, 2025
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और CRPF ने न तो पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और न ही चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं, बल्कि सीधे अंधाधुंध फायरिंग की।
वांगचुक को पहले से था गिरफ्तारी का अंदेशा
सोनम वांगचुक को पहले से अंदेशा था कि सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि “इस मुद्दे पर कभी भी गिरफ्तार होना पड़े तो मुझे खुशी होगी।” लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से माहौल शांत होने के बजाय और बिगड़ सकता है। माना जा रहा है कि इससे लद्दाख के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच चल रही बातचीत पर भी असर पड़ सकता है।
वांगचुक पिछले पांच साल से लद्दाख के अधिकारों की लड़ाई का बड़ा चेहरा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि वांगचुक हिंसा भड़काने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि शांतिपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों की 4 प्रमुख मांग
- लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा।
- 6वीं अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा।
- कारगिल और लेह अलग लोकसभा सीट।
- सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों की भर्ती।