उत्तर प्रदेश, राजनीति

Kanwar Yatra: साध्वी प्राची ने कांवड़ निर्माण में मुस्लिम कारीगरों की भागीदारी पर सवाल उठाए कहा…

Kanwar Yatra: साध्वी प्राची ने कांवड़ निर्माण में मुस्लिम कारीगरों की भागीदारी पर सवाल उठाए कहा...

Sadhvi Prachi News: साध्वी प्राची ने एक बार फिर विवादित बयान देकर हडकम्प मचा दिया है. मेरठ से हरिद्वार तक चल रही कांवड़ यात्रा के भक्ति भरे माहौल की तारीफ करते हुए उन्होंने इसे ‘भोले के रंग में रंगा’ बताया. हालांकि, उनके बयान ने विवाद तब खड़ा किया, जब उन्होंने कांवड़ निर्माण में मुस्लिम कारीगरों की भागीदारी पर सवाल उठाए और यात्रा में ‘जिहादी साजिश’ का आरोप लगाया. साध्वी ने उत्तराखंड सरकार के कालनेमि अभियान की सराहना की और उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की कार्रवाई की मांग की.

दरअसल मुजफ्फरनगर के मेरठ रोड स्थित एक रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत में साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ यात्रा में लाखों शिव भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर भक्ति में लीन हैं. यह यात्रा भोले के रंग में रंगी है. लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जिहादी मानसिकता के साथ कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शुरू किए गए कालनेमि अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि यह अभियान भगवा वस्त्रों का दुरुपयोग कर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है. उत्तर प्रदेश में भी ऐसी पहल जरूरी है ताकि जिहादी साजिशों को रोका जा सके.

सिर्फ हिन्दू कारीगर ही बनाएं कांवड़

साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ निर्माण का काम केवल हिंदू कारीगरों को मिलना चाहिए.उन्होंने कहा कि हरिद्वार में मुस्लिम नाम वाले लोग कांवड़ बना रहे हैं, जो धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने मांग की कि कांवड़ निर्माण के लिए कारीगरों की पहचान सुनिश्चित करने हेतु उनकी आईडी जांच अनिवार्य की जाए. साध्वी ने कांवड़ियों से अपील की कि वे केवल हिंदू कारीगरों द्वारा बनाई गई कांवड़ का उपयोग करें, ताकि हिंदुओं को रोजगार मिले और धार्मिक शुद्धता बनी रहे.

पहले भी दे चुकीं है विवादित बयान

साध्वी प्राची के इस बयान ने 2019 के उनके उस बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने हरिद्वार में मुस्लिम कारीगरों द्वारा कांवड़ बनाने का विरोध किया था. तब बागपत प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे. साध्वी ने कांवड़ की बदलती शैली पर भी टिप्पणी की और पारंपरिक कांवड़ों की जगह बड़े-बड़े स्टील के कलशों को श्रद्धा के बजाय दिखावा बताया.

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