लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अवंती बाई जिला महिला चिकित्सालय में शनिवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए अपर निदेशक परिवार कल्याण डॉ. शारदा चौधरी ने कहा कि महिलाएं आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं और आज हर क्षेत्र में पुरुषों को चुनौती दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना, सशक्त होना और अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होना बहुत जरूरी है। साथ ही महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
डॉ. शारदा चौधरी ने कहा कि महिला स्वस्थ है तो आने वाली पीढ़ियां भी स्वस्थ होंगी। महिलाएं परिवार को प्राथमिकता देती हैं और अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप वह एनीमिया और कुपोषण का शिकार हो जाती हैं। यदि गर्भवती में खून की कमी है तो होने वाले बच्चे में भी यह समस्या होगी। इसलिए एनीमिया मुक्त भारत अभियान के माध्यम से गर्भवती को आयरन युक्त आहार और आयरण फोलिक एसिड की गोली लेने की सलाह दी आयरन की गोलियां सेवन करने के लिए भी निःशुल्क दी जा रही हैं।
सीएमओ ने महिला दिवस के इतिहास पर डाला प्रकाश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला और कहा कि हर साल यह दिवस किसी न किसी थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल इस दिवस की थीम है- “Accelerate Action” यानी कार्यवाही में तेजी। इसका मतलब है कि महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने और जागरूकता लाने को लेकर कार्यवाही में तेजी लाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक परिवार कल्याण डॉ. नीना वर्मा ने सरकार द्वारा महिला स्वास्थ्य को लेकर चलाए जा रहे कार्यक्रम- जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेनू पन्त ने अतिथियों का धन्यवाद किया।
इनकी रही मौजूदगी
इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंसूर सिद्दीकी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता सक्सेना, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव, डीईआईसी मैनेजर डॉ. गौरव सक्सेना, यूनिसेफ प्रतिनिधि, चिकित्सालय के अन्य चिकित्सक और स्टाफ सहित बड़ी संख्या में मरीज और तीमारदार मौजूद रहे।