IndiGo Crisis: नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार ने इंडिगो संकट को ध्यान में रखते हुए सभी प्रभावित रूटों पर सही और वाजिब किराया पक्का करने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित रूटों के लिए अधिकतम किराये की लिमिट तय कर दी है। सरकार ने एयरलाइन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों से अलग-अलग रूटों के लिए तय किए किराये से ज्यादा किराया नहीं वसूलेंगी।
The Ministry of Civil Aviation has invoked its regulatory powers to ensure fair and reasonable fares across all affected routes.
Domestic scheduled airlines shall not charge the fares to passengers more than the limits specified below:
Maximum Fare Rs 7500 for Stage Length… https://t.co/JM6rT8Z4vu pic.twitter.com/t4Jq0scAOD
— ANI (@ANI) December 6, 2025
कई गुना ज्यादा किराया वसूल रही थीं एयरलाइन कंपनियां
इंडिगो संकट की वजह से दूसरी एयरलाइन कंपनियों ने प्रभावित रूटों पर यात्रियों से कई गुना ज्यादा किराया वसूल रही थीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने आज दोपहर में एयरलाइंस की मनमानी रोकने के लिए अपने रेगुलेटरी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सभी एयरलाइंस पर तत्काल प्रभाव से फेयर कैप लागू कर दिया। अब एयरलाइंस किसी भी रूट पर अपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगी।
रियल–टाइम मॉनिटरिंग जारी
मंत्रालय ने ये भी स्पष्ट किया है कि एयरफेयर पर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम बना दी गई है, जो रियल-टाइम डेटा की निगरानी करेगी और एयरलाइंस व ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स से समन्वय बनाएगी। वहीं, नियम तोड़ने वाली एयरलाइंस पर तत्काल कार्रवाई भी की जाएगी। MoCA का कहना है कि यह फेयर कैप सार्वजनिक हित में तत्काल और आवश्यक कदम है ताकि यात्रियों के साथ किसी भी तरह का आर्थिक शोषण न हो।