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72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ, PM मोदी बोले- बनारस में हाई रहेगा जोश

72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ, PM मोदी बोले- बनारस में हाई रहेगा जोश

वाराणसी: उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी जिले में 72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। रविवार (04 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने काशी की मशहूर कहावत सुनाई। उन्‍होंने कहा, हमारे बनारस में कहा जाता है, ‘बनारस के जानय के चाहत हऊवै तो बनारस आवै के पड़ी।’ आप सब अब बनारस आ गए हैं, तो बनारस को जान भी जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने हर-हर महादेव के साथ भाषण की शुरुआत की। फिर कहा, देशभर से आए सभी खिलाड़ी, काशी के मेरे परिवारजनों नमस्कार। आज काशी के सांसद के नाते आप सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी है। आज से काशी में नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप का शुभारंभ हो रहा है। आप सभी खिलाड़ी बहुत मेहनत के बाद नेशनल लेवल पर पहुंचे हैं। आपने मेहनत की है, आने वाले दिनों में काशी के मैदान पर उसकी परीक्षा होगी।

बनारस के जानय के चाहत हऊवै तो

पीएम मोदी ने कहा- आज यहां देश के 28 राज्यों की टीमें जुटी हैं। आप सब एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बहुत सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देता हूं। हमारे बनारस में कहा जाता है- बनारस के जानय के चाहत हऊवै तो बनारस आवै के पड़ी… आप सब अब बनारस आ गए हैं, तो बनारस को जान भी जाएंगे। हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है।

उन्‍होंने कहा कि बनारस में कुश्ती, अखाड़े, नौका दौड़, कबड्डी जैसे कई खेल मशहूर हैं। बनारस ने कई राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। बीएचयू, यूपी कॉलेज, काशी विद्यापीठ जैसी संस्थाओं के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहे हैं। मुझे विश्वास है कि नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में बनारस का जोश हाई रहेगा। आप सभी खिलाड़ियों को उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक मिलेंगे। काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा।

Gen Z तिरंगा फहराते देख गर्व होता है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वॉलीबॉल साधारण खेल नहीं है। नेट के इस पार-उस पार… दोनों तरफ संतुलन और सहयोग का खेल है। इस खेल में संकल्प शक्ति भी दिखती है। हम तभी सफल होते हैं, जब अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हैं। हमारा देश भी इसी से आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता से डिजिटल पेमेंट, एक पेड़ मां के नाम से लेकर विकसित भारत के निर्माण तक हम देश के लिए काम कर रहे हैं।

उन्‍होंने कहा, भारत की ग्रोथ और हमारी इकोनॉमी की प्रशंसा हो रही है। यह आत्मविश्वास खेल के मैदान में भी दिखता है। हम साल 2014 के बाद से देख रहे हैं कि अलग-अलग खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बढ़ रहा है। हमें बहुत गर्व होता है, जब Gen Z को खेल के मैदान में तिरंगा फहराते देखते हैं। एक समय था जब खेलों को लेकर सरकार में उदासीनता का भाव था। इसलिए खिलाड़ियों में भी अपने भविष्य को लेकर आशंका रहती थी।

सीएम ने स्टेडियम का निरीक्षण किया, स्टेडियम के मॉडल देखा

इससे पहले मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सिगरा स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने साईं सेंटर और स्टेडियम के मॉडल को देखा। इसके बाद शूटिंग रेंज पहुंचे, जहां बच्चों से बातचीत की।

इसके बाद मंच से संबोधन में कहा, 11 साल में सबने एक नए भारत को देखा है। भारत को बदलते देखा। पीएम मोदी ने विजन से आज हर भारतवासी उसका लाभ ले रहा। समाज के अंतिम पायदान पर भी खड़ा व्यक्ति शासन की योजनाओं का लाभ ले रहा। हर भारतवासी ने 11 साल के अंदर एक नई खेल संस्कृति को पनपते देखा है। साल 2014 में पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ की शुरुआत की। खेल अब समय बर्बादी का नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का अभिन्न हिस्सा है।

आज गांव से शहर तक खेल को बढ़ावा दिया जा रहा

सीएम योगी ने कहा कि आज खेल की इस नई संस्कृति में खेलो इंडिया खेला, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से आज गांव से शहर तक खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में 43 वर्ष बाद यह सीनियर नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप वाराणसी नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि ये संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में जो भी इन्फ्रास्ट्रक्चर दिख रहा है, वो पीएम मोदी के विकास के विजन को दिखाता है। यहां खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के उद्देश्य से आज MoU हुआ है। आज देश स्तर पर ओलिंपिक, कामनवेल्थ गेम्स और इंटरनेशनल स्तर पर प्रतियोगिताओं में हमारा खिलाड़ी हिस्सा ले रहा है। पहले की तुलना में ज्यादा मेडल प्राप्त कर रहा है। आज इस अवसर पर देशभर की 58 टीमें, जिनमें- 30 पुरुष और 28 महिला टीमें प्रधानमंत्री की पावन धरा अविनाशी काशी में पधारे हैं। मैं उन सभी का स्वागत करता हूं।

डिप्टी सीएम बोले– 43 साल बाद यूपी में नेशनल वॉलीबाल हो रही है

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमें हमेशा खेल भावना से खेलना चाहिए। प्रदेश सरकार ने खेल के बजट का बढ़ाया है। मेजर ध्यानचंद के नाम से मेरठ में यूनिवर्सिटी बनकर तैयार हो रही है। प्रदेश सरकार में नौकरियां मिल रही हैं। खिलाड़ी तहसीलदार, डीएसपी बन रहे हैं। वॉलीबाल तो हमारे गांव-घर का खेल है। 1982 के बाद यूपी में पहली बार नेशनल प्रतियोगिता हो रही है।

नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह से पहले मंच से वंदे मातरम् का गायन किया गया। नेशनल वॉलीबाल चैम्पियनशिप के उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर पहुंचे सीएम योगी को डिप्टी सीएम और महापौर अशोक तिवारी ने स्मृति चिह्न प्रदान किया।

वॉलीबॉल चैंपियनशिप में 58 टीमें ले रही हैं हिस्‍सा

वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देशभर की 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं। यूपी की ओर से पुरुष टीम के कप्तान श्रेयांस सिंह (यूपी पुलिस) हैं, जबकि महिला टीम की कप्तानी प्रियंका (यूपी पुलिस) कर रही हैं। उद्घाटन मैच यूपी और बिहार की पुरुष टीम के बीच खेला जा रहा है।

उत्‍तर प्रदेश को 43 साल बाद नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। इससे पहले सन् 1984 में इसका आयोजन हुआ था। उद्घाटन से पहले खिलाड़ियों ने सिगरा स्टेडियम में मार्च पास्ट किया, जहां ‘सारे जहां से अच्छा’ की देशभक्ति धुन गूंजती रही।

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