बलिया: उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बोल रही हैं कि मैं SIR फॉर्म नहीं भरूंगी, कोई मेरी नागरिकता छीनकर दिखाए। मगर, मुझे तो पता चला है कि उन्होंने बहुत पहले ही SIR फॉर्म ले लिया था और चोरी छिपे भर भी दिया है। बस शो नहीं कर रही हैं। खैर कुछ दिन में तो सब सामने ही आ जाएगा।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी काफी ओजस्वी-तेजस्वी महिला हैं। समझदार नेता हैं और उन्हें वर्षों की राजनीति का अनुभव है। वे जानती हैं कि जो SIR फॉर्म नहीं भरेगा, उसका नाम मतदाता सूची से हट जाएगा। जो भारत का मतदाता नहीं होगा, फिर वो चुनाव ही नहीं लड़ सकता। ऐसे में ममता बनर्जी जी SIR फॉर्म न भरने जैसी बेवकूफी नहीं करेंगी। वे लंबे समय से तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं, लेकिन अब उनका जनाधार खिसक रहा है। इसलिए, वे SIR को लेकर भाजपा पर उंगली उठा रही हैं, लेकिन SIR अभियान किसी पार्टी का नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग का कार्यक्रम है।

अखिलेश के शासन में सिर्फ सैफई का विकास
मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रदेश पर लंबे समय तक शासन किया, पर उनके शासन काल में सिर्फ सैफई का विकास हुआ। आज प्रदेश में सर्वांगीण विकास हो रहा है। अब जब अखिलेश के पास बोलने के लिए कुछ नहीं तो ‘खिसियानी बिल्ली, खंभा’।
उन्होंने अखिलेश सरकार बनने पर गरीब महिलाओं के खाते में 40 हजार रुपये देने के ऐलान को झूठा वादा बताया। मंत्री ने कहा कि भाजपा का जनाधार मजबूत हो रहा है, ऐसे में लोगों को विश्वास में लेने के लिए ऐसे जुमले दिए जा रहे हैं।
आज जिसकी जितनी क्षमता, उतना बढ़ावा
मंत्री विजय लक्ष्मी ने कहा कि आज प्रदेश में गांव-गांव स्कूल-कॉलेज के साथ-साथ स्टेडियम भी बन रहे हैं। शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ये भाजपा की सरकार है, सपा नहीं। आज किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं, जिसमें जितनी प्रतिभा है, उसे उतना बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने कई वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति के दम पर पश्चिम बंगाल में राज किया है। पर अब SIR अभियान के चलते उनकी कुर्सी डोलने लगी है। उनकी हकीकत सामने आने लगी है। आगामी चुनाव में पश्चिम बंगाल में जरूर सत्ता परिवर्तन होगा और सुशासन का राज होगा। ग्रामीण विकास मंत्री ने बलिया, आजमगढ़ और मऊ का उदाहरण देते हुए कहा कि जो जिले कभी पिछड़े माने जाते थे, आज वहां सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में सत्ता परिवर्तन तय है और सुशासन का राज स्थापित होगा।