लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन ने आईएएस अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें घटती नहीं दिख रही हैं। उनको भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन के बाद शासन ने उनकी संपत्तियों की जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं। इसी क्रम में शासन ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
आईएएस अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद इन्वेस्ट यूपी के सीईओ का पद खाली हो गया था। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए 2016 बैच के आईएएस प्रथमेश कुमार को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। इससे पहले, प्रथमेश कुमार इन्वेस्ट यूपी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) के रूप में कार्यरत थे।
सोलर पावर कंपनी प्रोजेक्ट में मांगा था कमीशन
निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने SAEL सोलर पावर कंपनी के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बदले 5% कमीशन मांगा था। यह कमीशन सुकांत जैन के माध्यम से मांगा जा रहा था। मामले की शिकायत मुख्य सचिव से की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया।
विजिलेंस करेगी संपत्तियों की जांच
शासन ने अब अभिषेक प्रकाश की संपत्तियों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की विजिलेंस विंग को जिम्मेदारी सौंपी है। विजिलेंस टीम उनकी बरेली, पीलीभीत, हमीरपुर और लखनऊ में तैनाती के दौरान अर्जित की गई संपत्तियों की जांच करेगी। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कितनी बेनामी संपत्ति अर्जित की है।
सह-आरोपी सुकांत जैन गिरफ्तार
इस पूरे मामले में प्रमुख आरोपी सुकांत जैन के खिलाफ भी भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। गोमती नगर थाने में दर्ज मामले के आधार पर सुकांत जैन को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी जांच कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश में नौकरशाही में हड़कंप मचा हुआ है।