प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेले में रविवार (18 जनवरी) को मौनी अमावस्या का स्नान चल रहा है। संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। आज सुबह 9 बजे तक 1.5 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि आज 3 करोड़ लोग डुबकी लगा सकते हैं। AI, CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 800 हेक्टेयर में बसे मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है। 8 किमी में अस्थायी घाट बनाए हैं।
वहीं, सुबह शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। अफसरों से भी झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने शिष्यों को दौड़ाकर पकड़ा और उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद शंकराचार्य शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने भीड़ को देखते हुए शंकराचार्य को रथ से उतरकर पैदल जाने को कहा था, लेकिन शिष्य नहीं माने और आगे बढ़ने लगे। इस पर हॉट टॉक हुई, फिर देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
शंकराचार्य बोले– बड़े अफसरों ने संतों को पीटा
बड़े-बड़े अधिकारी हमारे संतों को मार रहे थे। पहले तो हम लौट रहे थे, लेकिन अब स्नान करेंगे और कहीं नहीं जाएंगे। वे हमें रोक नहीं पाएंगे। इनको ऊपर से आदेश होगा कि इन्हें परेशान करो। यह सरकार के इशारे पर हो रहा, क्योंकि वे हमसे नाराज हैं। जब महाकुंभ में भगदड़ मची शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- देखिए, बात यह है कि प्रशासन ने मना किया और हम रुक गए। रुककर बातचीत हुई। हमने कहा कि आपको जो सहयोग चाहिए, हम करने को तैयार हैं। हम 100 से सवा सौ लोग हैं, साथ में नहाते हैं।
उन्होंने कहा कि आप कहिए तो हम एक लाइन बना देते हैं। आपका एक आदमी आगे चले, हम पीछे चल लेंगे। कोई भगदड़ नहीं मचेगी। लेकिन अधिकारी नहीं मान रहे हैं। फिर मैंने वापस लौटने का निर्णय लिया तो मैंने देखा कि बड़े-बड़े अधिकारी हमारे संतों को मार रहे हैं। आपने देखा, जब हम वापस लौट रहे थे तो पुलिस का एक दल आया और धावा करके हमारे संतों को मारने लगा। पहले तो हम लौट रहे थे, लेकिन अब स्नान करेंगे और कहीं नहीं जाएंगे। वो हमें रोक नहीं पाएंगे।
सरकार पर लगाया आरोप
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि इनको ऊपर से आदेश होगा कि इन्हें परेशान करो। ये सरकार के इशारे पर हो रहा है। क्योंकि वहीं हमसे खार खाई हैं। जब महाकुंभ में भगदड़ मची थी तो मैंने उनको जिम्मेदार ठहराया था। अब वो बदला निकालने के लिए अधिकारियों से कह रहे होंगे। उनको खुश करने के लिए अधिकारी हमारा अपमान करना चाहते हैं। इससे क्या होता है। हम तो मान और अपमान से ऊपर हैं। लेकिन मैंने आंखों से देखा पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी साधु-संतों को मार रहे हैं। इसको हम नहीं सह सकते हैं।
वापस जाने पर अड़े शंकराचार्य
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने संगम जाने से रोक दिया। इस पर पुलिस और शंकराचार्य के शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। अफसरों से भी झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने शिष्यों को दौड़ाकर पकड़ा। बताया जा रहा है कि पुलिस ने भीड़ को देखते हुए शंकराचार्य को रथ से उतरकर पैदल जाने को कहा था, लेकिन शिष्य नहीं माने और आगे बढ़ने लगे। इस पर हॉट टॉक हुई, फिर देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। फिलहाल, शंकराचार्य वापस जाने पर अड़े हैं। पुलिस अफसर उन्हें समझाने में जुटे हैं।
श्रद्धालु कहां करेंगे वाहन पॉर्क?
कानपुर-लखनऊ से आने वाले प्लॉट नं. 17, गल्ला मंडी, नागवासुकी में वाहन पार्क करेंगे।
जौनपुर-वाराणसी-मिर्जापुर-रीवा से आने वाले लोग ओल्ड जीटी कछार, महुआबाग, सोहम आश्रम, देवरख कछार, गंजिया, नव प्रयागम में पार्क करेंगे।