एंटरटेनमेंट डेस्क: हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री कामिनी कौशल का शुक्रवार को 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कामिनी कौशल हिंदी सिनेमा की सबसे उम्रदराज एक्ट्रेस थीं। आखिरी बार वो आमिर खान और करीना कपूर स्टारर फिल्म लाल सिंह चड्ढा में नजर आई थीं। इसके अलावा वो साल 2023 में शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी स्टारर फिल्म कबीर सिंह में शाहिद की दादी का किरदार निभा चुकी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कामिनी कौशल के परिवार ने प्राइवेसी की मांग की है।
कामिनी कौशल 40 के दशक की सबसे कामयाब एक्ट्रेसेस में शामिल थीं। बॉक्स ऑफिस इंडिया की टॉप एक्ट्रेस लिस्ट में 1947 और 1948 में वो टॉप एक्ट्रेस रही हैं। उन्हें साल 2022 में आउटलुक इंडिया की 75 बेस्ट बॉलीवुड एक्ट्रेसेस में शामिल किया गया था।
बोटनी के जनक थे कामिनी कौशल के पिता
16 जनवरी, 1927 को कामिनी कौशल का जन्म लाहौर में हुआ था। उनके पिता प्रो. शिव राम कश्यप पंजाब विश्वविद्यालय, लाहौर में बोटनी के प्रोफेसर थे। उन्हें बोटनी का जनक भी कहा जाता है। उन्होंने पौधों की छह नई प्रजातियों की खोज की थी। कामिनी दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटी थीं। सात साल की उम्र में कामिनी के पिता का निधन हो गया था। कम उम्र में ही कामिनी कौशल ने आकाशवाणी के लिए प्रोग्राम करना शुरू कर दिया था, जिसके लिए उन्हें हर महीने 10 रुपये तनख्वाह मिलती थी।
इसी के साथ कामिनी ने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए. (ऑनर्स) किया। इसी दौरान 1946 में चेतन आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म नीचा नगर में काम करने का ऑफर दिया, और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। अपने फिल्मी करियर में उन्होंने दो भाई, शहीद, नदिया के पार, जिद्दी, शबनम, पारस, उपकार, पूरब और पश्चिम, रोटी, कपड़ा और मकान और गाइड जैसी फिल्मों में काम किया।