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नोएडा विवाद: NCR में हाईअलर्ट घोषित, STF को सौंपी जांच, CM योगी ने बनाई हाईलेवल कमेटी

नोएडा विवाद: NCR में हाईअलर्ट घोषित, STF को सौंपी जांच, CM योगी ने बनाई हाईलेवल कमेटी

नोएडा: नोएडा में सोमवार (13 अप्रैल) को फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। 09 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सैकड़ों कर्मचारी आज हाथ में डंडे-लाठी लेकर सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों ने अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों में पथराव, तोड़फोड़ की। कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और लगभग 50 से ज्यादा फूंक दीं। पुलिस की गाड़ियां भी पलट दी।

हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने उन पर पथराव कर दिया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वो रुकेंगे नहीं। कई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। खास बात है कि इस प्रदर्शन का कोई चेहरा या लीडर नहीं था। 18 से 30 साल के युवा हिंसक प्रदर्शन कर रहे थे।

NCR में हाईअलर्ट जारी

नोएडा में हुए बवाल के बाद पूरे एनसीआर में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय स्तर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अराजकता को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने 50 से अधिक ऐसे संदिग्ध अकाउंट चिन्हित किए हैं, जिनसे भड़काऊ पोस्ट और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही थीं।

इन अकाउंट्स के जरिए माहौल बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिश की आशंका जताई गई है। ये एकाउंट बीते 24 घंटे के भीतर बनाए गए हैं। मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है, जो इन सभी अकाउंट्स के डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

डीजीपी राजीव कृष्ण के मुताबिक, जो अकाउंट चिन्हित किए गए हैं वह लगातार श्रमिक आंदोलन से जुड़े भ्रामक नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे थे। ऐसे में इनकी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी ने नोएडा के सभी पुलिस अधिकारियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग कर निर्देश दिए। स्पष्ट कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करें। श्रमिकों से संवाद स्थापित करें, जिससे किसी तरह की स्थिति न बिगड़े।

वहीं, हालात को काबू करने के लिए कुछ इलाकों में RAF और PAC उतार दी गई है। DGP राजीव कृष्ण और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखते हुए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा, नोएडा में लगभग 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। इनमें से केवल दो स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हुई, जहां हालात को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

इसलिए विशेष सतर्कता, अफवाहों पर न दें ध्यान

प्रधानमंत्री के मंगलवार को सहारनपुर दौरे को देखते हुए भी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एनसीआर से लेकर सहारनपुर तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और अफवाह फैलाने वालों की सूचना तत्काल दें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जा रही है।

योगी सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाई

यूपी सरकार ने वर्कर्स के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए हाई लेवल कमेटी बनाई है। कमेटी में औद्योगिक विकास आयुक्त अध्यक्ष होंगे, जबकि अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम) और श्रम आयुक्त सदस्य हैं। श्रमिक संगठनों के 5 और उद्यमी संघ के 3 प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। सरकार ने समिति को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन कर्मचारियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। कर्मचारियों को समझाने की कोशिशें की जा रही हैं। नोएडा डीएम मेधा रुपम ने कहा, अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनियों के साथ बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं। वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी। इसकी अध्यक्ष महिला ही होगी। शिकायत पेटियां रखी जाएंगी। कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी।

फैक्ट्री कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • हरियाणा में करीब 35% वेतन बढ़ा है। उसी तरह यूपी में भी सैलरी बढ़ाई जाए।
  • ओवरटाइम करने पर दोगुना भुगतान मिले।
  • बोनस सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए।
  • 4 हर महीने की 10 तारीख तक वेतन और सैलरी स्लिप मिले।
  • सप्ताह में एक दिन की छुट्टी रहे। छुट्टी के दिन काम कराया जाए, तो दोगुना भुगतान हो।
  • फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पूरा पालन हो।

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