उत्तर प्रदेश, राजनीति

यूपी के 30 जिलों में भीषण कोहरा, अगले चार दिन पड़ेगी भयंकर ठंड

यूपी के 30 जिलों में भीषण कोहरा, अगले चार दिन पड़ेगी भयंकर ठंड

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिमला, मनाली और नैनीताल जैसे हिल स्टेशनों से भी ज्यादा सर्दी पड़ रही है। इस बीच नए साल पर पश्चिमी यूपी में मथुरा, हाथरस, बदायूं और फर्रुखाबाद सहित कई जिलों में हुई बूंदाबांदी ने ठिठुरन बढ़ा दी। प्रदेश में सीजन में पहली बार रात के वक्त न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

शुक्रवार सुबह लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और झांसी सहित 30 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य से 10 मीटर तक सिमट गई। कोहरे के चलते इटावा में दो ट्रकों की टक्कर हो गई। विजिबिलिटी काफी कम होने से ट्रक ने आगे चल रहे दूसरे ट्रक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक में आग लग गई। जिससे ड्राइवर केबिन में फंसकर जिंदा जल गया।

100 से ज्‍यादा ट्रेनें चल रही लेट

कोहरे के चलते गोरखपुर समेत तमाम शहरों में 100 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं। 10 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हैं, जबकि कई देरी से उड़ान भर रही हैं। वहीं, शीतलहर की वजह से गोरखपुर-कानपुर में आज सभी स्कूलों की छुट्‌टी कर दी गई है। बाकी शहरों में स्कूल बदले हुए समय यानी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे।

पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश बाराबंकी में सबसे ठंडा रहा, यहां न्यूनतम तापमान 3°C रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद गोरखपुर में पारा 4.4°C, हरदोई में 4.5°C, अयोध्या 5°C और सुल्तानपुर में 5.2°C रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ में पारा 7°C रहा और सुबह से अच्छी धूप खिली रही।

चार दिन भीषण कोल्‍ड-वेव की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले चार दिन भीषण कोल्ड-वेव की चेतावनी जारी की है। घने कोहरे के बीच सुबह और रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है। लोगों को सतर्क रहने और जरूरी न होने पर यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता बेहद कम रहेगी, वहीं रात का तापमान सामान्य से कम रहेगा।

जनवरी में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सात जनवरी तक प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा। न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। पूरे महीने की बात करें तो शीतलहर के दिन औसत से 3 दिन अधिक रह सकते हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में जारी ला-नीना परिस्थितियां धीरे-धीरे कमजोर होकर शीत ऋतु के उत्तरार्द्ध (जनवरी-फरवरी-मार्च) में तटस्थ स्थिति में बदल सकती हैं। इसके असर से जनवरी में प्रदेश के बड़े हिस्से में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य या उससे थोड़ा अधिक रह सकता है।

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