लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आज योगी सरकार का 10वां बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने सदन में 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि अब बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाएगी। इसके साथ ही 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू की गई हैं। 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
वित्त मंत्री ने शायरी पढ़ी- सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं, जो अपने आप को पसीने में। उन्होंने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इसका आकार 9 लाख 20 हजार करोड़ से ज्यादा है। यह पिछली बार के मुकाबले 12.9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने पिछले साल 2025-26 के लिए 8.7 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया था।
सीएम योगी ने दिखाया विक्ट्री साइन
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा पहुंचे। विधानसभा गेट पर दोनों नेताओं ने विक्ट्री साइन दिखाया। वित्त मंत्री ने सुबह अपने आवास पर पूजा-अर्चना की थी। इसके बाद सुबह साढ़े 9 बजे सीएम की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें बजट को मंजूरी दी गई। वहीं, बजट पेश होने से पहले सपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि यह बजट केवल भ्रष्टाचार के लिए है। बजट में फिर से लूट होगी।
वित्त मंत्री बोले– 50 लाख करोड़ रुपये एमओयू साइन हुए
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने सरकार की उपलब्धियों और प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार बेहतर हुई है। वर्ष 2018-19 में प्रदेश 29वें स्थान पर था, जो 2023-24 में सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि फरवरी 2024 में प्रदेश में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया। इसके तहत अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों में से अब तक करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं, जिससे निवेश को जमीन पर उतारा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन गया है। देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का करीब 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। इसके साथ ही देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में निवेश के साथ-साथ नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है। इसी का नतीजा है कि राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को “लीडर” श्रेणी में शामिल किया गया है।
डेटा सेंटर क्लस्टर्स बनेंगे, एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना होगी
उत्तर प्रदेश में डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थापना की जाएगी।
प्रदेश में एआई मिशन की स्थापना और टेक युवा समर्थ युवा योजना लाई जाएगी।
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए टेक्नोलॉजी मिशन की स्थापना की जाएगी।
विश्व बैंक की सहायता से यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी।
अपने घर से दूर काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा।
डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित किया जायेगा। कृषि वितरण एवं निर्यात को बढ़ावा देने की योजना लाई जायेगी। त्वरित आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना लाई जा रही है।
केंद्र से यूपी को क्या मिला, वित्त मंत्री ने बताया
केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को दो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ीसे जोड़ा गया है।
बजट में प्रदेश के पुरातात्विक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों सारनाथ और हस्तिनापुर के विकास की योजना भी शामिल की गई है।
हर जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना।
प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल और 10 हजार टूरिस्ट गाइडों के कौशल विकास का प्रावधान किया गया है।
केंद्र सरकार ने डायबिटीज और कैंसर की दवाओं के दाम कम करने की घोषणा भी की है, जिसे एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
कौशल विकास और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे
सरकार ने अपने कार्यकाल में अब तक गन्ना किसानों को 3 लाख 4 हजार 321 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया है। यह रकम पिछले 22 वर्षों में किए गए कुल गन्ना भुगतान से करीब 90 हजार करोड़ रुपए अधिक है।
पीपी मॉडल के तहत अलग-अलग जिलों में कौशल विकास और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनके लिए अलग से कौशल विकास केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर को 800 करोड़ मिलेंगे
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नई योजनाओं के लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबंधन, संचालन, सुरक्षा और रखरखाव के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 575 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
कृषि और इससे जुड़ी योजनाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है।
उत्तर प्रदेश में एआई मिशन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
अयोध्या के 100 करोड़ मिलेंगे, स्मार्ट फोन टैबलेट बांटे जाएंगे
अयोध्या के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए प्रस्तावित।
फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए प्रस्तापित।
देश के 65 फीसदी मोबाइल का उत्पादन यूपी में
उत्तर प्रदेश अब भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन गया है। देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का करीब 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। इसके साथ ही भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थापित हैं। इससे प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ते निवेश के साथ-साथ नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर यह हुआ है कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर श्रेणी” में स्थान मिला है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और उद्यमिता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में यूपी नंबर वन
सरकार की अवस्थापना-आधारित विकास नीति का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है।
कृषि के क्षेत्र में भी प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा जैसे प्रमुख फसलों के उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है।
सिंचाई सुविधाओं में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्ष 2016-17 में जहां सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर करीब 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है। इसी तरह फसल सघनता भी 2016-17 में 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2016-17 में 5,878 मेगावॉट रही ताप विद्युत उत्पादन क्षमता, दिसंबर 2025 तक बढ़कर 9,120 मेगावॉट हो गई है, जो करीब 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है।