Ramadan 2025: रमजान का पवित्र महीने की शुरुआत रविवार (2 फरवरी) से शुरू हो गई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रमजान का यह महीना समाज में शांति और सौहार्द का संचार करे। उन्होंने इस पवित्र माह को आत्म-चिंतन, आभार और भक्ति का प्रतीक बताया, जो करुणा, दया और सेवा के मूल्यों को सशक्त बनाता है।
इस्लाम धर्म में रमजान के महीने को विशेष महत्व प्राप्त है। यह इस्लाम के पांच प्रमुख स्तंभों में से एक है और हिजरी कैलेंडर के अनुसार साल का नौवां महीना होता है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखते हैं और खुदा की इबादत में लीन रहते हैं।
इसलिए माना जाता है पवित्र महीना
रमजान को पवित्र इसलिए भी माना जाता है क्योंकि इस्लामिक मान्यता के अनुसार, इसी महीने की एक रात को कुरान का अवतरण शुरू हुआ था। इस रात को ‘लयलतुल कद्र’ या ‘शब-ए-कद्र’ कहा जाता है। इसके बाद पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.अ.) पर कुरान की आयतें सिलसिलेवार तरीके से उतरती रहीं।
रमजान की शुरुआत चांद देखने के बाद होती है और इसका समापन भी चांद देखने के आधार पर ही किया जाता है। इस पूरे महीने में मुसलमान इबादत, रोज़ा, दान और नेक कार्यों में संलग्न रहते हैं। रमजान के समापन के बाद ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया जाता है, जिसे खुशियों और भाईचारे का पर्व माना जाता है।
माफी और आध्यात्मिक उन्नति का महीना
रमजान को ‘मगफिरत’ यानी माफी का महीना भी कहा जाता है। यह महीना आत्मशुद्धि, संयम और परोपकार का संदेश देता है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पहले से ही तैयारियों में जुट जाते हैं और इस महीने को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाते हैं।