नई दिल्ली: राजस्थान की राजनीति के दिग्गज और पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी का 85 साल की उम्र में बुधवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद भर्ती कराया गया था। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
31 मार्च, 1945 को जन्मे कर्नल सोनाराम चौधरी का जीवन कई पड़ावों से गुजरा। उन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी हिस्सा लिया। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और एक सफल नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। वे पश्चिमी राजस्थान में काफी प्रभावशाली नेता माने जाते थे। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने चार बार सांसद और एक बार विधायक का चुनाव जीता।
कांग्रेस से बीजेपी का सफर
कर्नल सोनाराम ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। लेकिन, 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। उस दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन मोदी लहर में कर्नल सोनाराम ने भारी वोटों से जीत हासिल की थी। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में किया जाएगा।