बरेली: शहर में गुरुवार सुबह घने कोहरे और तेज रफ्तार के कहर ने दो अलग–अलग थाना क्षेत्रों में पांच परिवारों के चिराग बुझा दिए। पहला हादसा बहेड़ी के नैनीताल हाईवे पर हुआ, जहां एक बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार पिता और उनके दो मासूम बेटों को कुचल दिया। वहीं, दूसरा हादसा हाफिजगंज में पीलीभीत हाईवे पर हुआ, जहां ट्रक ने नल मिस्त्रियों से भरे ई–रिक्शा को इतनी बुरी तरह रौंदा कि शवों को निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।
नैनीताल हाईवे पर गुरुवार सुबह करीब 8 बजे एक ऐसा मंजर दिखा जिसे देख पुलिसकर्मियों की भी आंखें नम हो गईं। देवरनिया थाना क्षेत्र के गांव इटोआ निवासी 55 वर्षीय पप्पू अपने दो बेटों, 15 वर्षीय विशाल और 20 वर्षीय विवेक के साथ बाइक पर सवार होकर किच्छा (उत्तराखंड) की ओर निकले थे। तीनों घर से यह कहकर निकले थे कि आज काम ज्यादा है, शाम को देर से लौटेंगे।
कोहरे के कारण नहीं दिखाई दी बाइक
जैसे ही उनकी बाइक बहेड़ी थाना क्षेत्र के गुड़वारा गांव के पास पहुंची, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। कोहरा इतना घना था कि ट्रक चालक को सामने चल रही बाइक नजर नहीं आई। टक्कर लगते ही बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों हाईवे पर दूर जाकर गिरे। ट्रक का पहिया विशाल और विवेक के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पप्पू ने कुछ देर तड़पने के बाद दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही मृतकों की चाची सरोज और अन्य परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। पप्पू की पत्नी शीला इस सदमे में बार–बार बेहोश हो रही हैं कि अब उनके परिवार का पालन–पोषण कौन करेगा।
हाफिजगंज में पाइप बने काल, ई–रिक्शा को ट्रक ने रौंदा
पीलीभीत–बरेली हाईवे पर राजश्री कॉलेज के पास सुबह करीब 9 बजे एक और भयावह एक्सीडेंट हुआ। नवाबगंज के ग्राम रिछोला किफायतुल्ला निवासी नल मिस्त्री हासिम, सलीम, मझले और यासीननगर निवासी हासिम पुत्र इमदाद एक ई–रिक्शा पर सवार होकर बोरिंग का सामान लादकर जल्ला लाडपुर गांव जा रहे थे।
चश्मदीदों के मुताबिक, ई–रिक्शा में लोहे के भारी पाइप रखे हुए थे जो बाहर की ओर निकले थे। हाईवे पर एक तरफ सड़क निर्माण का काम चल रहा था, जिससे रास्ता बेहद संकरा हो गया था। इसी बीच सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से ई–रिक्शा के पाइप टकरा गए। टक्कर होते ही ई–रिक्शा घूमकर ट्रक के अगले हिस्से में फंस गया।
पुलिस को बुलानी पड़ी जेसीबी
ट्रक चालक ने ब्रेक मारने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण वह ई–रिक्शा को करीब 20 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। हासिम और सलीम ट्रक के पहियों के नीचे दब गए और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। पुलिस को जेसीबी बुलानी पड़ी, ताकि ट्रक को उठाकर उसके नीचे फंसे शवों और घायलों को बाहर निकाला जा सके।
परिजनों की तहरीर पर दर्ज होगा मुकदमा
हादसों के बाद दोनों ही जगहों पर ट्रक चालक अपने वाहन छोड़कर भागने में सफल रहे। बहेड़ी कोतवाल पवन कुमार ने बताया कि मृतकों के पास मिले दस्तावेजों और मोबाइल से शिनाख्त की गई। वहीं हाफिजगंज कोतवाल प्रवीण कुमार सोलंकी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल मझले और नसरुद्दीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने सभी पांचों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।