हॉन्ग कॉन्ग: हॉन्गकॉन्ग में ‘ताई पो’ नाम के जिलो में बुधवार (26 नवंबर) को एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में आग लग गई। इस हादसे में अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 279 घायल हैं। ये कॉम्प्लेक्स कुल आठ इमारतों का था, जिनमें हर इमारत 35 मंजिलों की थी। इसमें करीब दो हजार अपार्टमेंट थे।
वांग फुक कोर्ट के ये टावर बांस की मचान से ढंके हुए थे। आग की शुरुआत इमारतों के बाहर लगी इन्हीं मचानों से हुई, जिस पर मरम्मत का काम चल रहा था। तेज हवा और जलते हुए मलबे की वजह से लपटें एक इमारत से दूसरी इमारत तक फैलती चली गईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आग कम से कम 8 इमारतों तक फैल गई थी।

कॉम्पलेक्स में चल रहा था मरम्मत का काम
वांग फुक कोर्ट न्यू टेरिटरीज के ताई पो इलाके में बना एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स है, जहां इस समय मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है। इस एस्टेट में 1,984 फ्लैट हैं और यहां करीब 4,000 लोग रहते हैं। हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा है कि वांग फुक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लगी आग के बाद अस्थायी शेल्टर खोले गए हैं। ये शेल्टर क्वॉन्ग फुक कम्युनिटी हॉल और तुंग चेओंग स्ट्रीट लीजर बिल्डिंग में बनाए गए हैं।

इसके अलावा ऐलिस हो मियू लिंग नेथरसोले अस्पताल में एक हेल्प डेस्क बनाया गया है, ताकि लोगों को मदद और जानकारी दी जा सके। सरकार ने कहा कि ताई पो जिला कार्यालय हालात पर कड़ी नजर रख रहा है और जरूरत होने पर और शेल्टर खोले जाएंगे।

मृतकों में फायरफाइटर भी शामिल
फायर विभाग ने बताया कि मरने वालों में एक फायरफाइटर भी शामिल है। विभाग ने रॉयटर्स को बताया कि यह पता नहीं चल पाया है कि कॉम्प्लेक्स के अंदर कितने लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं। स्थानीय पब्लिक ब्रॉडकास्टर RTHK ने पुलिस के हवाले से बताया कि कई लोग अब भी टावरों में फंसे हुए हैं।