लखनऊ: अंसल तो समाजवादी पार्टी की ही उपज थी। होम बायर्स के साथ धोखा हुआ है। आज उस पर शिकंजा हमने कसा है। किसी होम बायर्स के साथ धोखा नहीं होने देंगे। आरोपी को पाताल से भी निकाल कर सजा देंगे। ये बातें सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में कहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर हमला करते हुए कहा कि अंसल मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने FIR लिखने के आदेश दिए हैं। यह वही प्रदेश है, जहां पहले कोई निवेश करने नहीं आता था। आज यह निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बन कर सामने आया है। इधर, CM के बयान आने के कुछ घंटों बाद ही LDA आमीन ने अंसल प्रंबधक सहित पांच के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है।
होम बायर्स के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे…
अगर किसी को गलतफहमी होगी कि गरीब का पैसा या किसी नागरिक का पैसा लेकर, वह कहीं भाग जाएगा तो पाताल से भी उसको निकाल कर ले आएंगे… pic.twitter.com/d0MWAw6TFy
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 4, 2025
अंसल प्रमोटर के खिलाफ FIR
अंसल मामले को लेकर सीएम ने सोमवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण और रेरा के अफसरों की बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने अंसल प्रबंधक के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद LDA के अमीन ने गोमतीनगर थाने में अंसल प्रापर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर के मालिक पिता-पुत्र समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज करवाया है । आरोप है कि कंपनी ने दो बार टाउनशिप की योजना स्वीकृत कराई थी। निर्धारित भूमि से कई गुना पर टाउनशिप बना लिया।
इसमें अंसल प्रमोटर प्रणव अंसल, सुशील अंसल, सुनील कुमार गुप्ता, फेरन्सेटी पैट्रिका अटकिंशन और डायरेक्टर विनय कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-316(5), 318(4), 61(2), 352, 351(2), 338, 336(3), 340(2), 111 और प्रिवेन्शन ऑफ डेमेज टु पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट-1984 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गोमतीनगर थाने में दी गई तहरीर
एलडीए अमीन अर्पित शर्मा ने गोमतीनगर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया हैं कि प्राधिकरण ने 2005 में 1765 एकड़ की हाईटेक टाउनशिप विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया था। इसकी डीपीआर 2006 में स्वीकृत की गई। अंसल प्रापर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. ने टाउनशिप विकसित करने का काम शुरू किया। स्वीकृत टाउनशिप में कंपनी ने खरीदी गई जमीन के अलावा ग्राम समाज, सीलिंग, तालाब, राज्य सरकार के नाम दर्ज, चक मार्ग, नवीन परती, बंजर, नहर और नाली की जमीन अपने प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया। इसकी जानकारी प्राधिकरण को नहीं दी। और, उसको बेच दिया।
सीएम योगी ने जताई थी नाराजगी
अंसल API में 7000 निवेशकों ने रुपया लगाया है। निवेशकों का रुपया फंस गया है, जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अनियमित और नियमावली के उल्लंघन पर रोष प्रकट किया था। सीएम ने मामले के गंभीरता को समझते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण को एक हफ्ते के अंदर FIR करने और अपने स्तर पर जांच करके शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।