नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने बजट 2026-27 को मंजूरी दे दी है। रविवार (01 फरवी) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले वे राष्ट्रपति भवन पहुंची। यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने सीतारमण को दही-चीनी खिलाई। इस बजट में सरकार 5 बड़ी घोषणाएं कर सकती है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा- सर, आपकी इजाजत से मैं संसद में 16वें फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट हिंदी और अंग्रेजी कॉपी में रखना चाहती हूं। उन्होंने कहा- आदरणीय स्पीकर सर, माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन मौके पर मैं बजट पेश कर रही हूं हमने 12 साल पहले सरकार संभाली, तब से देश के आर्थिक हालात बेहतर हुए हैं। पीएम मोदी की अगुआई में हमारी सरकार ने लगातार काम किया है। आत्मनिर्भरता के मंत्री पर चलते हुए हमने घरेलू प्रोडक्शन, राजकोषीय घाटे पर नजर रखी है।
सीतारमण बोलीं– 7% की ग्रोथ रेट मिली
सीतारमण ने कहा कि हमने लोगों की यूनिवर्सल सर्विस पर ध्यान दिया है। इससे 7% की ग्रोथ रेट हासिल करने में मदद मिली है। हम विकसित भारत के विजन की तरफ काम करते रहेंगे। हम ग्लोबल मार्केट के साथ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के विजन के साथ अलाइन रहेंगे।
उन्होंने कहा कि हम दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की तरफ बढ़ रहे हैं। हमने तय किया है कि ग्रोथ के नतीजे किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचें।
हमने तीन कर्तव्य तय किए– वित्त मंत्री
वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का फोकस पिछड़ों और वंचितों को आगे लाने का है। कर्तव्य भवन में इस बजट को पेश करते हुए तीन कर्तव्य तय किए हैं।
इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाना और जारी रखना।
लोगों की उम्मीदों को पूरा करना, उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना।
सबका साथ, सबका विकास के फॉर्मूले के साथ सभी को अवसर उपलब्ध कराना।
रिफॉर्म एक्सप्रेस- हमारी सरकार की उत्पादन बढ़ाने और ग्रोथ को तेज करने के लिए कोशिश जारी है। प्रधानमंत्री ने 2025 में इसके लिए जीएसटी सुधार लागू करने का काम किया है। राज्य सरकारों के साथ मिलकर हम अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी है।
इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ देंगे
सीतारमण ने कहा- 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां साइंटिफिक रिव्यू हो सकेंगे।
सेमीकंडक्टर मिशन- प्रोडक्शन और इंडियन आईपी बनाने, सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फेसिलिसिटी बनाने की पहल की गई है। इसके लिए डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाए जाएंगे। हाई टेक टूल रूम दो लोकेशन पर हाई प्रेसिजन कंपोनेंट्स बनाने के लिए- इसके तहत टनल बोरिंग मशीन से लेकर मल्टी स्टोरीज में फायर फाइटिंग सिस्टम तक बनेंगे।
सीतारमण बोलीं- मेगा टैक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे
टेक्सटाइल के लिए-
नेशनल फाइबर स्कीम
मैन मेड फाइबर
एडवांस्ड फाइबर
नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद मिलेगी। एकेडमिक इंस्टीट्यूट से तकनीकी मदद संभव होगी। मेगा टैक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज – खादी को प्रोत्साहित करने के लिए – प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केट के लिए होगा।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्पोर्ट्स – उपकरण डिजाइन करने और बनाने के लिए योजना है।
इंडस्ट्रियल क्लस्टर – इन्फ्रा और टेकनोलॉजी इंप्रूव करने के लिए स्कीम बनाई गई है।