मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में फरसा वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत हादसा है या हत्या, अभी तक इसकी गुत्थी सुलझी नहीं है। बाबा के समर्थक इसे हत्या बता रहे, जबकि पुलिस हादसा बता रही है। पुलिस की थ्योरी है कि बाबा नागालैंड नंबर के कंटेनर को चेक कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी। चपेट में आने से बाबा की मौत हो गई।
वहीं, समर्थकों का कहना है कि बाबा को सूचना मिली थी कि ट्रक से गोवंश ले जाए जा रहे। उन्होंने अपने दो साथियों के साथ बाइक से ट्रक का पीछा किया। ओवरटेक कर सामने खड़े हो गए। कंटेनर को चेक करने लगे, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने जान-बूझकर बाबा को कुचल दिया। उसके निशाने पर बाबा के साथी भी थे, लेकिन वो बाल-बाल बच गए।
डीआईजी ने कहा- ट्रकों में गोवंश नहीं थे
हालांकि, डीआईजी का कहना है कि ट्रकों में गोवंश नहीं थे। नागालैंड नंबर वाले कंटेनर में साबुन-शैंपू और राजस्थान नंबर वाले ट्रक में तेल था। हादसे में राजस्थान नंबर वाला ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। इलाज के दौरान ड्राइवर की मौत हो गई थी, जबकि कंटेनर कहां है? इसका अब तक पता नहीं चल पाया है।
ऐसे में बाबा के समर्थकों ने सवाल उठाया है कि अगर वाकई कंटेनर में साबुन-शैंपू ही था तो उसे पुलिस ने अज्ञात जगह पर क्यों रखा? उनका कहना है कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी से सच्चाई सामने आएगी। पुलिस हमें CCTV दिखाए।
शिष्य बोला– जानबूझकर टक्कर मारी, कंटेनर में गायें थीं
बाबा की गोशाला में रहने वाले शिष्य हरिओम ने बताया कि फरसा वाले बाबा के पास शनिवार तड़के 3 बजे किसी ने फोन किया। सूचना दी कि कोसी में नेशनल हाईवे से गोवंश उठाए जा रहे। इस पर बाबा मुझे और कान्हा को अपनी बाइक से लेकर मौके पर पहुंचे। बाबा के पहुंचते ही नागालैंड नंबर का कंटेनर दिल्ली की तरफ भागने लगा। बाबा ने पीछा किया। उसे नवीपुर इलाके में रोका।
बाबा बाइक से उतरकर कंटेनर चेक कर रहे थे कि पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। वो हम सभी को कुचलना चाहता था, लेकिन बाबा ने हमें धक्का दे दिया और खुद चपेट में आ गए। अगर उस कंटेनर में कुछ गलत नहीं था तो उसमें बैठे लोग भागे क्यों? हरिओम ने दावा किया कि कंटेनर में गायें थीं। यही वजह है कि बीच में चल रहे ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी।
पुलिस और प्रशासन क्या कह रहा?
पूरे मामले को लेकर डीआईजी शैलेश पांडे ने बताया जिस ट्रक ने टक्कर मारी, उसमें कोई गोवंश नहीं मिला। कंटेनर में भी ऐसा कुछ नहीं था। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि सुबह कोहरा बहुत था। पीछे से आ रहे ट्रक ने कंटेनर में टक्कर मारी। बाबा दोनों के बीच आ गए। उनकी मौत हो गई। यह प्रथम दृष्टया हादसा नजर आता है।
कोसी थाना प्रभारी राजकमल ने बताया कि कंटेनर को कब्जे में ले लिया गया है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि कंटेनर कहां रखा गया है। बड़ा सवाल ये है कि अगर कंटेनर में वाकई साबुन और सर्फ था तो उसे छिपाया क्यों जा रहा है?
कौन हैं फरसा वाले बाबा?
चंद्रशेखर बाबा का घर मथुरा में बरसाना रोड पर छाता इलाके के आजनौंख गांव में है। कई साल से गोसेवा कर रहे। स्थानीय लोग बताते हैं कि फरसा वाले बाबा हमेशा गाय के लिए समर्पित रहे। शुरुआत में बरसाना इलाके में गायों को लेकर जब भी कोई समस्या सामने आती, लोग बाबा को ही बताते।
वह गायों की मदद करके धीरे-धीरे इलाके में मशहूर हो गए। गोसेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले फरसा वाले बाबा का तस्करों में इस कदर खौफ था कि उनकी मौजूदगी का पता चलते ही वह अवैध रूप से ले जाए जाने वाले गोवंश को छोड़कर भाग खड़े होते थे।
क्या है पूरा मामला?
फरसा वाले बाबा की शनिवार को कोसीकलां के कोटवन थाना क्षेत्र में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। हादसे के बाद एक वीडियो सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं। उनके पास म्यान के साथ तलवार पड़ी है। राजस्थान नंबर का ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है। उसके ड्राइवर अलवर निवासी खुर्शीद की भी आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना की जानकारी इलाके में आग की तरह फैली। हजारों लोग मथुरा के छाता कस्बे में हाईवे पर उतर आए।
गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करने लगे। शव कब्जे में लेने और जाम खुलवाने पहुंची पुलिस को लोगों ने खदेड़ दिया। पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लोगों ने पुलिस की 5 से 6 गाड़ियों में तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रशासन के सामने रखी गईं छह मांगें
इस बीच, लोग बाबा का शव लेकर आजनौंख गांव में स्थित गोशाला पहुंचे। प्रशासन के सामने बाबा का स्मारक बनाने समेत 6 मांगें रखीं। डीएम ने आश्वासन दिया कि बाबा के दाह संस्कार वाली जगह पर समाधिस्थल बनवाया जाएगा। इसके बाद बाबा का अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लिया। अफसरों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, शनिवार देर रात फरसा बाबा की मौत को लेकर उपद्रव करने के आरोप में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता दक्ष चौधरी सहित 16 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए।