PET 2025: मुख्य सचिव दीपक कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) की तैयारियों और छात्रवृत्ति योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी डीएम अपनी व्यक्तिगत निगरानी में निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित कराएं। पीईटी का आयोजन 6-7 सितंबर को प्रदेश के 48 जिलों में 1479 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगा। इसमें कुल 25,31,996 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। हर पाली में लगभग 6 लाख अभ्यर्थी भाग लेंगे। उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिया कि वे परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी व्यक्तिगत रूप से करें।
अभ्यर्थियों को नहीं होने चाहिए किसी भी प्रकार की असुविधा
परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का मूवमेंट होगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए रेलवे और रोडवेज अधिकारियों को पहले से ही सतर्क कर दिया जाए। बारिश में भी अभ्यर्थियों को केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था विद्युत विभाग के समन्वय से सुनिश्चित कराएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि परीक्षा केन्द्रों पर स्थापित सीसीटीवी क्रियाशील हों। परीक्षा के दौरान आयोग और जिला मुख्यालय द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा की लाइव मॉनीटरिंग की जाए। सभी कार्मिकों और पुलिस कर्मियों को विधिवत प्रशिक्षण और ब्रीफिंग समय से हो। प्रश्न पत्रों और ओएमआर शीट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कोषागार में सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
पेपर के पैकेट अभ्यर्थियों के सामने खोले
दीपक कुमार ने कहा कि पेपर के सीलबंद पैकेट अभ्यर्थियों के सामने ही खोले जाएं। परीक्षा समाप्त होने के बाद सामग्री को सीलबंद किया जाए। बैठक में बताया गया कि परीक्षा की लगातार निगरानी के लिए 32,259 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 2,958 सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 1,64,615 कार्मिकों की तैनाती की गई है। बैठक में यूपीएसएसएससी के अध्यक्ष डॉ. एसएन साबत, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे।