लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय पर आयोजित जनता दर्शन में आये फरियादियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि हर व्यक्ति की हर समस्या का हर सम्भव निदान किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी की समस्या का त्वरित व संतुष्टिपरक समाधान किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान किया जाए और सम्बन्धित की जवाबदेही तय होनी चाहिये। जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न, भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ हल किया जाए और जहां जरूरत हो, कठोर कार्यवाही की जाए।
समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट हो, उन्हें दोबारा चक्कर न लगान पड़े
उपमुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि समस्याओं का निराकरण इस प्रकार किया जाए कि समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट रहे और उन्हें दुबारा कहीं भटकना न पड़े और बार -बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांगजनों, बुजुर्गों आदि की समस्याओं व शिकायतों को सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निदान करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जनता दर्शन में भूमि विवाद, दुर्घटनाओं से संबंधित, चकबंदी, अवैध कब्जे, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास आवंटन, भूमि पर कब्जा दिलाने, अतिक्रमण हटाने, सड़क बनवाने, विद्युत, अभियुक्तों की गिरफ्तारी कराने, उत्पीड़न आदि से संबंधित विभिन्न समस्याएं प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने रखी। उप मुख्यमंत्री फरियादियों के पास खुद चलकर गये और एक-एक व्यक्ति की समस्या को उनसे सीधे संवाद करते हुए सुना।

उपमुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
जनता दर्शन में हरदोई, आजमगढ़, अयोध्या, शाहजहांपुर, कौशांबी, संत कबीर नगर, लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर, बस्ती, प्रयागराज, उन्नाव, सीतापुर, बस्ती, अलीगढ़, एटा,सहारनपुर, प्रतापगढ़, मैनपुरी, जालौन, मथुरा, आजमगढ़, इटावा, सहित लगभग दो दर्जन से अधिक जिलों से आये लोगों ने अपनी समस्याएं रखी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समस्याओं के निस्तारण के बाबत मण्डलायुक्त प्रयागराज, हाथरस, प्रतापगढ़, औरैया, उन्नाव व गाजीपुर के जिलाधिकारी व शासन के उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता करते हुए यथोचित दिशा निर्देश दिए। जमीन सम्बन्धी अधिकांश प्रकरणों में उन्होंने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाए और सार्थक समाधान कराया जाए।
