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Dev Deepawali 2025: आस्था और अद्भुत दृश्य का संगम, जानिए किस तरह की हैं तैयारियां?

Dev Deepawali 2025: आस्था और अद्भुत दृश्य का संगम, जानिए किस तरह की हैं तैयारियां?

Dev Deepawali 2025: काशी में आस्था और अद्भुत दृश्य का संगम बुधवार को पुनः देखने को मिलेगा। देव दीपावली के अवसर पर 5 नवंबर को पूरे वाराणसी के घाट दीपों की पंक्तियों से जगमगा उठेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी घाटों पर दीप प्रज्जवलन से शाम 5.15 से 5.50 बजे तक होगा। इसके बाद प्रमुख घाटों- नमो घाट, दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी घाट पर विशेष गंगा आरती शाम 6.00 से 6.50 बजे तक संपन्न होगी।

दिव्य वातावरण का दिखेगा नज़ारा

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आरती के दौरान पूरे घाट क्षेत्र में मंत्रोच्चारण, घंटों की गूंज और दीपों की झिलमिलाहट से एक दिव्य वातावरण बनेगा। उन्होंने कहा कि चेत सिंह घाट पर दर्शकों के लिए तीन चरणों में प्रोजेक्शन एवं लेजर शो प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहला शो शाम 6.15 से 6.45 बजे, दूसरा शाम 7.15 से 7.45 बजे और तीसरा शो रात 8.15 से 8.45 बजे तक चलेगा।

हरित काशी का दिया जायेगा सन्देश

मंत्री ने कहा कि यह शो काशी की पौराणिकता, अध्यात्म और संस्कृति को प्रकाश, ध्वनि और 3डी प्रभावों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रदर्शित करेगा। मंत्री सिंह ने कहा कि ललिता घाट के सामने रेती पर रात 8.00 से 8.15 तक होने वाली ग्रीन आतिशबाजी इस साल का प्रमुख आकर्षण रहेगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल इस आतिशबाजी में हानिकारक रसायनों का प्रयोग नहीं होगा, जिससे प्रदूषण न के बराबर रहेगा। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर हरियाली, स्वच्छता और ‘हरित काशी’ का संदेश देते रंगों की बरसात इस कार्यक्रम को खास बनाएगी।

घाटों और गलियों को सजाया जा रहा

पर्यटन मंत्री ने बताया कि पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा, सफाई और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाटों और गलियों को सजाने के लिए पर्यटन विभाग ने नगर निगम से समन्यवय करके आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की है। इस तरह ग्रीन आतिशबाजी का यह क्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ काशी के संदेश को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।

शहर की यातायात व्यवस्था सख्त

गंगा तटों पर इस दौरान हजारों दीपों की रोशनी और आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का संगम एक अलौकिक दृश्य रचेगा। शहर में सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। काशी में देवदीपावली का यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी भक्ति, संस्कृति और पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश देने वाला रहेगा।

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