लखनऊ: उत्तर प्रदेश में धूप राहत देने की कोशिश कर रही है तो वहीं, बर्फीली हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। रात का तापमान शिमला (7.2°C) और जम्मू (4°C) से भी नीचे पहुंच गया है। गुरुवार सुबह से आगरा, बरेली, गाजियाबाद, गोंडा, हाथरस और संभल सहित 30 जिलों में घना कोहरा छाया है। कई जगह विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम हो गई है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है।
कोहरे के चलते गोरखपुर और लखनऊ सहित 50 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं। वंदे भारत जैसी वीआईपी ट्रेनें भी तय समय से देरी से चल रही हैं। हवाई सफर पर भी कम विजिबिलिटी का असर पड़ा। करीब 10 फ्लाइट्स तय समय से देरी से उड़ीं। इसके अलावा, मेरठ में देर रात कोहरे के चलते दो कारें टकरा गईं। हादसे में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
18 जनवरी से बारिश का अलर्ट
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के हर जिले का तापमान 10°C से नीचे रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान मेरठ सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 3.1°C रिकॉर्ड किया गया। अयोध्या में पारा 3.5°C, मुजफ्फरनगर में 4°C और हरदोई-रायबरेली में 4.2°C दर्ज किया गया। इस बीच मौसम विभाग ने 18 जनवरी से बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम की तरफ से आने वाली हवाओं के चलते आने वाले 5 से 6 दिनों में प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4-6 डिग्री तक कम हो सकता है। 19 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बूंदा-बांदी के साथ छिटपुट बारिश भी हो सकती है।
सर्दियों में मुंह ढककर सोना खतरनाक
सर्दियों में ठंड से बचने और गर्माहट बनाए रखने के लिए कई लोग सोते समय रजाई–कंबल से पूरा चेहरा ढक लेते हैं। यह आदत भले ही आरामदायक लगे, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह नींद और सांस दोनों के लिए नुकसानदेह है। बेंगलुरू के स्पर्श हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी विभाग के एचओडी पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर शिवराज अज्जी करियप्पाला लक्ष्मण ने मुंह ढककर सोने से होने वाली 11 समस्याओं के बारे में जानकारी दी है।
- ऑक्सीजन की कमी
- शरीर का तापमान बढ़ना
- नींद का टूटना
- बेचैनी/घबराहट
- सांस फूलना
- चिड़चिड़ापन
- त्वचा संबंधी समस्याएं
- सांस संबंधी दिक्कतें
- सिरदर्द/माइग्रेन
- थकान
- हल्की घुटन।