उत्तर प्रदेश, राजनीति

लॉकडाउन में हुए हत्याकांड में 5 साल बाद फैसला, पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

लॉकडाउन में हुए हत्याकांड में 5 साल बाद फैसला, पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

बरेली: जनपद में 5 साल पहले यानी 2020 में हुए जसवीर हत्याकांड में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पांच साल पहले जब देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ था। उस समय गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते जसवीर को मौत को घाट उतार दिया था। दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड से गांव में दहशत फैल गई थी। अब इस मामले में जज विजेंद्र त्रिपाठी ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा और जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि दो आरोपी रिहा कर दिए गए हैं।

बरेली की अदालत ने 2020 में हुई जसवीर हत्याकांड में 5 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने बरेली के ऑवला थाना क्षेत्र में हुई इस जघन्य वारदात में 7 आरोपियों में से 5 को हत्या (302), हत्या के प्रयास (307) और दंगे (147, 148) का दोषी पाया, जबकि दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

पांच को दोहरी उम्रकैद, दो हुए बरी

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमेंद्र कुमार गंगवार ने बताया कि नन्दन पुत्र ओमकार, महेन्द्र पुत्र रामचन्द्र, छोटे उर्फ बृजमोहन पुत्र प्रेमपाल, विजय उर्फ लल्ला पुत्र लटूरी, और नन्हें उर्फ सोनू पुत्र सुरेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, प्रवीण बाल्मीकि और आर्येन्द्र ठाकुर को मुख्य मामले में दोषमुक्त (बरी) कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 26 अप्रैल, 2020 का है। नीरज पुत्र प्रहलाद निवासी ग्राम आसपुर थाना आंवला (मृतक जसवीर के भाई) द्वारा थाना ऑवला में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, उस दिन दोपहर करीब 1 बजे अभियुक्त नन्दन और महेन्द्र उसके भाई जसवीर को घर से बुलाकर ले गए थे। वे यह कहकर ले गए कि जसवीर से कुछ लोग मिलने आए हैं। वे लोग जसवीर को गांव के पूर्व में बने सरकारी नलकूप से आगे एक खेत तक ले गए।

वहां पहले से मौजूद आरोपी छोटे, विजय उर्फ लल्ला और नन्हें पुत्र रमेश ने नन्दन और महेन्द्र के साथ एक राय होकर जसवीर पर हमला कर दिया। सबसे पहले छोटे ने तमंचे से जसवीर के पेट में गोली मारी, जिससे वह गिर गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फरसे से उसके सिर और शरीर पर कई वार किए। जसवीर की मौके पर ही मौत हो गई।

गवाह को भी लगी गोली

आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग भी की, जिसकी एक गोली मौके पर मौजूद गवाह गुड्डू पुत्र राजेन्द्र सिंह को भी लगी, जिससे वह घायल हो गया। वारदात को मौके पर मौजूद अन्य गवाहों विजनेश और बदन सिंह ने भी देखा। हमलावर तमंचा और फरसा लहराते हुए यह धमकी देकर फरार हो गए कि अगर किसी ने उनके खिलाफ कार्यवाही की तो उसे जान से मार देंगे।

अदालत का फैसला

  • अदालत ने पांचों दोषियों (नन्दन, महेन्द्र, छोटे, विजय और नन्हें) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
  • धारा 302/149 (हत्या): आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना।
  • धारा 307/149 (हत्या का प्रयास): आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना।
  • धारा 506 (जान से मारने की धमकी): 7-7 साल का कारावास।
  • धारा 148 (घातक हथियारों से दंगा): 3-3 साल का कारावास।
  • धारा 147 (दंगा करना): 2-2 साल का कारावास।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *