Bareilly: पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में नगर निगम की दुकानों के सैकड़ों किराएदारों ने महापौर डॉ. उमेश गौतम से मुलाकात कर नाराजगी जाहिर की है। दुकानदारों की ओर से बात रखते हुए पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि अगर नगर निगम से कोई गलत प्रस्ताव पारित हो जाता है तो उसे सुधारने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही है। उन्होंने सवाल उठाया कि नई दुकानों के आवंटन में जहां किराया और प्रीमियम कम रखा जाता है, वहीं पुराने दुकानदारों से अधिक किराया क्यों वसूला जा रहा है। राजेश अग्रवाल ने कहा कि पुराने दुकानदार अगर नामांतरण कराना चाहें तो उनसे नई दुकान के मुकाबले कहीं अधिक प्रीमियम वसूला जा रहा है। उन्होंने इसे सीधा अन्याय बताते हुए कहा कि नगर निगम की नीतियां पुराने दुकानदारों को जबरन आर्थिक बोझ में झोंक रही हैं।
राजस्व निरीक्षक पर धमकी और अवैध वसूली के गंभीर आरोप
दुकानदारों ने महापौर के सामने राजस्व निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाया गया कि निरीक्षक दुकानदारों को दुकान सील करने की धमकी देकर भयभीत कर रहे हैं। मोटी रकम लेकर दुकानों का गलत तरीके से नामांतरण किया जा रहा है, जिसकी न तो कार्यकारिणी को जानकारी दी जा रही है और न ही बोर्ड को। मुलाकात के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि कमेटी की एक बैठक पहले ही हो चुकी है, लेकिन अब तक उसका कार्यवृत्त जारी नहीं किया गया। दुकानदारों ने इसे जानबूझकर की जा रही लापरवाही करार दिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।