बरेली: यूपी सरकार द्वारा राज्य के मदरसों की जांच अब एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) से कराए जाने के ऐलान के बाद विवाद गहरा होता जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था की प्रकृति और उसकी मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
मौलाना रजवी ने कहा कि प्रदेश के सभी मदरसे अल्पसंख्यक विभाग और मदरसा एजुकेशन बोर्ड के अधीन संचालित होते हैं। उनके अनुसार, इन मदरसों की पहले भी तीन बार जांच हो चुकी है। ऐसे में जब नियमित जांच व्यवस्था पहले से मौजूद है तो ATS जैसी एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठता है। उन्होंने तर्क दिया कि एटीएस का दायरा आपराधिक गतिविधियों और आतंकवाद से जुड़े मामलों तक सीमित है, जबकि मदरसों से जुड़ा मुद्दा पूरी तरह शैक्षिक और प्रशासनिक निरीक्षण का है। ऐसे में किसी शिक्षा संस्थान की जांच सुरक्षा एजेंसी से कराने का निर्णय उचित संदेश नहीं देता।
अल्पसंख्यक विभाग या संबंधित शैक्षिक बोर्ड के जरिए हो जांच
मौलाना शहाबुद्दीन ने यह भी स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज जांच से पीछे नहीं हट रहा, बल्कि पारदर्शिता का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जांच कराना चाहती है तो इसे अल्पसंख्यक विभाग या संबंधित शैक्षिक बोर्ड के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाज हर तरह से सहयोग देने को तैयार है।