श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गुरुवार को पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में बादल फटने से भयंकर तबाही मच गई। कई लोग पहाड़ से आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए। न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है, जिनके शव मिले हैं। 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। हालांकि, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
बादल फटने की घटना के बाद से तीन जिलों किश्तवाड़, डोडा, भदरवाह से सभी एंबुलेंस बचाव अभियान के लिए किश्तवाड़ जिले के मचैल के लिए रवाना हो गई हैं। यहां 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की आशंका है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने के बाद आधुनिक उपकरणों से लैस NDRF की 2 टीमों के करीब 180 सदस्यों को उधमपुर बेस से भेजा गया है।
मचैल माता यात्रा के लिए पहुंचे थे हजारों श्रद्धालु
यह हादसा उस समय हुआ, जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के लिए चशोटी गांव पहुंचे थे। यह यात्रा का पहला पड़ाव है। बादल वहीं फटा है, जहां से यात्रा शुरू होने वाली थी। यहां श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और कई दुकानें थीं। सभी बाढ़ के पानी में बह गए। इसके बाद एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
#WATCH जम्मू-कश्मीर | किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई है। बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। pic.twitter.com/wiiKzJbxAO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 14, 2025
सीएम उमर अब्दुल्ला ने की गृहमंत्री से बात
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पोस्ट करते हुए बताया, मैंने अभी-अभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें जम्मू के किश्तवाड़ क्षेत्र में आई आपदा के हालात के बारे में जानकारी दी। खबर गंभीर है। बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र से सत्यापित जानकारी आने में देरी हो रही है। बचाव कार्यों के प्रबंधन के लिए जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर से सभी संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं। मैं चैनलों या समाचार एजेंसियों से बात नहीं करने जा रहा हूं। सरकार जब भी संभव होगा, जानकारी साझा करेगी।
उप राज्यपाल ने भी किया ट्वीट
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने ट्वीट किया, “चोसिटी किश्तवाड़ में बादल फटने से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, NDRF और SDRF अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज़ करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।”
हर साल अगस्त में होती है तीर्थ यात्रा
मचैल माता तीर्थयात्रा हर साल अगस्त में होती है। इसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं। यह 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलेगी। यह रूट जम्मू से किश्तवाड़ तक 210 किमी लंबा है और इसमें पद्दर से चशोटी तक 19.5 किमी की सड़क पर गाड़ियां जा सकती हैं। उसके बाद मचैल तक 8.5 किमी की पैदल यात्रा होती है।