प्रयागराज: जनपद में रविवार को हुए बवाल को लेकर पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन कर रहे उपद्रवियों ने तीन कारों और 15 बाइकों में तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। करछना-कोहड़ार रूट को जाम कर दिया गया। पथराव में भुंडा चौकी प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बवाल करने वाले 55 लड़कों को पकड़ा, जिनमें सात नाबालिग भी हैं।
30 जून को पुलिस ने इन उपद्रवियों के विजुअल जारी किए। इनमें गाड़ियों को तोड़ते और आग लगाते लड़के माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस वीडियो और तस्वीरों में दिख रहे 550 अन्य उपद्रवियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने केस डायरी में बयानों की वीडियोग्राफी भी शामिल की है। इन बयानों के बाद प्रयागराज के 15 गांवों में चंद्रशेखर को लेकर नाराजगी है। लोगों ने बिना कैमरे पर आए कहा कि हमारे बच्चे जिस पार्टी के लिए सड़क पर उतरे, उसके नेता ने पल्ला ही झाड़ लिया।
29 जून को क्या हुआ था?
दरअसल, 29 जून को सुबह 11:40 बजे भीम आर्मी चीफ व आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद प्रयागराज पहुंचे। लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया। समर्थकों के साथ सर्किट हाउस ले जाया गया। यहां चंद्रशेखर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर, चंद्रशेखर के समर्थकों ने करछना-कोहड़ार रूट पर हंगामा शुरू कर दिया। भुंडा चौकी के पास जाम लगा दिया गया। एक घंटे के अंदर चार थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लड़कों ने नैनी और औद्योगिक थानों की फोर्स के साथ-साथ जाम में फंसे वाहनों पर भी पथराव किया। तीन कंपनी PAC के साथ DCP यमुनानगर विवेक यादव मौके पर पहुंचे। शाम 5 बजे उपद्रवियों को खदेड़ा गया। साढ़े 5 बजे स्थिति नियंत्रित हो सकी।
चंद्रशेखर ने कहा- मेरे कार्यकर्ताओं ने हंगामा नहीं किया
इसके बवाल के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, मेरे कार्यकर्ताओं ने कोई हंगामा नहीं किया। कुछ उदंड लोग मेरे समर्थकों के बीच घुसकर हंगामा करने लगे। मैंने प्रशासन से कहा- वीडियो के जरिए ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई करें, चाहे वे किसी भी संगठन से जुड़े हों। मैं ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करता।
FIR में लिखा- भीम आर्मी के नेताओं के नेतृत्व में हमला किया गया
पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उसमें लिखा है- करछना के इसौटा लोहंगपुर गांव में देवी शंकर की हत्या के संबंध में नगीना सांसद चंद्रशेखर प्रयागराज आए थे। भीम आर्मी करछना के तहसील अध्यक्ष अभय सिंह उर्फ सोनू और उपाध्यक्ष प्रतीक देव वर्मन के नेतृत्व में यमुनापार के अन्य भीम आर्मी नेताओं के साथ षडयंत्र तहत उपद्रव किया।
बवाल करने वाले भीम आर्मी के नेता और कार्यकर्ता हैं। गांव के लोगों ने अपने बयानों में भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और चंद्रशेखर समर्थक ही बता रहे। इसके अलावा जिन आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट किया, उनके परिवार वाले भी यही दुहाई दे रहे हैं।
डीसीपी ने कही ये बात
वहीं, DCP विवेक चंद यादव का कहना है कि बवाल करने वाले ज्यादातर भीम आर्मी से जुड़े हैं। पूछताछ और अन्य साक्ष्य सामने आए। वे झंडा बैनर लेकर सड़क पर उतरे। झंडों और नारेबाजी से साफ हुआ कि वह भीम आर्मी के लोकल नेताओं के साथ आए थे। आरोपियों में सात नाबालिग शामिल हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया।
बवाल के बाद पुलिस की 25 टीमें छापेमारी में जुटी हैं। पूछताछ, CCTV , वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी के आधार पर पुलिस ने अब तक बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल 65 लोगों को गिरफ्तार किया। DCP विवेक चंद्र यादव के नेतृत्व में दबिश पड़ रही है। इस मामले में 54 नामजद और 550 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।