Census in India: आजादी के बाद देश में आठवीं बार होने जा रही जनगणना के पहले चरण के लिए 32 लाख से ज्यादा निर्देश पुस्तिकाएं तैयार होंगी। यह 18 भाषाओं में छापी जाएंगी। इसमें मकानों की सूचीकरण करने के नियम व तौर तरीके दर्ज होंगे। यह देश में 30 लाख से ज्यादा जनगणना कराने वालों को वितरित होंगी। इसमें जनगणना कराने वालों की भूमिका, उनके अधिकार, कानूनी पहलू दर्ज होंगे। जनगणना कराने वाले जब घर-घर दस्तक देंगे तो उनके साथ यह निर्देश पुस्तिकाएं होंगी जो उनके काम को आसान बनाएंगी।
जनगणना से जनकल्याण इस स्लोगन के साथ जनगणना के इस अभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिन भाषाओं में पुस्तिका तैयार की जाएगी उनमें हिंदी, बंगाली, अंग्रेजी, आसामी, गारो, गुजराती, कन्नड़, खासी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु व उर्दू शामिल हैं। पहले चरण में मकानों की गिनती और आवास में रहने वालों की जानकारी का काम इस साल एक अप्रैल से शुरू होना है। इसके बाद, दूसरे चरण में फरवरी 2027 में आबादी की गणना होगी।
पहले चरण में हर भवन का होगा जियो–टैग
पहले चरण में हर भवन को जियो-टैग किया जाएगा। चाहे वह बंद या खाली ही क्यों न हों। जनगणना 2027 के लिए सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। यह जनगणना के काम को वास्तविक समय में देखेगा।