Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। इससे पहले मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों के सुझाव सुनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा संसदीय नियमों के मुताबिक ही होनी चाहिए। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, ‘नियमों के अनुसार, चर्चा सिर्फ बजट पर ही होनी चाहिए। सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। उसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी, जिसमें सभी दल हिस्सा लेंगे। सरकार हमेशा किसी भी सुझाव को सुनने के लिए खुश है।’
उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा सुनने को तैयार है, लेकिन अगर हर बार विपक्षी दल हंगामा करते हैं और सदन नहीं चलने देते, तो समस्या पैदा होती है। इसके अलावा, टीडीपी संसदीय दल के नेता लावु श्री कृष्ण देवरायलु ने बताया कि उनकी पार्टी ने बैठक में तीन राष्ट्रीय मुद्दे और पांच आंध्र प्रदेश से जुड़े मुद्दे उठाए। इनमें भारत के एफटीए समझौते, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियम और अमरावती राजधानी विधेयक शामिल हैं।
1 फरवरी को पेश होगा बजट
बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक। जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी। वहीं, 1 फरवरी को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सत्र की शुरुआत में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संबोधित करेंगी। बता दें कि पिछले मानसून और शीतकालीन सत्र 2025 में विपक्षी दलों ने पूरे देश में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) पर चर्चा की मांग की थी।