नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (01 फरवरी) को लगातार अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। उनका बजट भाषण 85 मिनट का रहा। उन्होंने कहा कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं होगा।
सीतारमण ने ये भी कहा कि 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाए जाएंगे। साथ ही कहा कि कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान है। साल 2025-26 में यह 4.4% था यानी घाटे में हल्की कमी आएगी।
बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
नया मालगाड़ी रास्ता: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है।
इंफ्रा पर बड़ा खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) तय किया गया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले।
टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क्स बनाए जाएंगे।
दवाइयों के क्षेत्र में ‘शक्ति’: 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे।
चिप मैन्युफैक्चरिंग: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इन 6 बड़े क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस
रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग: नए और जरूरी क्षेत्रों में उत्पादन की क्षमता बढ़ाना।
पुराने उद्योग: पुराने पड़ चुके औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा जीवित करना।
छोटे उद्योग (MSME): छोटे और मध्यम उद्योगों को ग्लोबल चैंपियन बनाना।
इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को जबरदस्त मजबूती देना।
सुरक्षा और स्थिरता: देश में लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
शहरों का विकास: शहरों को व्यापार और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना।
बजट के 3 मुख्य कर्तव्य और विजन
रफ्तार: प्रॉडक्टिविटी बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना।
क्षमता: लोगों की काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें।
सबका साथ: हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके हों।
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
आत्मनिर्भरता: भारत ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है, जिससे विदेशों से सामान मंगाने की निर्भरता कम हुई है।
ग्रोथ रेट: पिछले सुधारों की वजह से भारत 7% की विकास दर हासिल कर रहा है, जिससे गरीबी कम करने में मदद मिली है।
12 साल का सफर: वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई काबू में है।
वैश्विक चुनौतियां: दुनिया में ट्रेड और सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन भारत ‘विकसित भारत’ की ओर कदम बढ़ाता रहेगा।
हाई क्वालिटी के आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करेंगे
युवाओं को करियर पाथवे उपलब्ध कराने के लिए स्कीम लाई जाएगी।
अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल बनेंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देंगे।
भारतीय योग दुनियाभर में फैले, इसके लिए क्वालिटी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देंगे।
आयुर्वेद के तीन नए एम्स बनाए जाएंगे।
आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाए जाएंगे।
जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा।
पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट बनाए जाएंगे
मेडिकल टूरिज्म- भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।
इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर
पूर्वोदय स्कीम- पूर्वोत्तर के 5 स्टेट में बौद्ध सर्किट – अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बनाया जाएगा।
राज्यों को मदद- 16वें फाइनेंस कमीशन की रिकमंडेशन स्वीकार की गईं। राज्यों को ग्रामीण और शहरी निकायों के डेवलपमेंट के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान कर्ज को इकोनॉमी का 50 फीसदी के आसपास रखने का लक्ष्य – 2031 तक हासिल करेंगे।
राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.5 परसेंट से नीचे रखने का लक्ष्य।
नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए संवर्धन योजना का प्रस्ताव
सीतारमण ने कहा- नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।
भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।”
मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट
टैक्स अनुमान – 34 लाख करोड़ का है। एस्टीमेट –
कैपिटल एक्सपेंडिचर 11 लाख करोड़ और बजट एस्टिमेट – टोटल एस्टीमेटेड 36.5 लाख करोड़ का है।
न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा
सिंपलीफाइड फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, आम आदमी भर सके।
मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट दी गई है।
ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर 5 परसेंट की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है।
एजुकेशन और मेडिकल पर्पज पर 5 की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है।
एम्पलाईज हायरिंग सर्विस पर 1 से 2 परसेंट टैक्स होगा।
20 लाख रुपये से कम की विदेश में इम्मूवेवल प्रॉपर्टी डिस्क्लोज करने पर पेनाल्टी नहीं।
सिविलियन एयरक्राफ्ट पार्ट्स बनाने के लिए मटेरियल इम्पोर्ट पर टैक्स नहीं
माइक्रोवेव ओवन बनाने के पार्ट्स इम्पोर्ट करने पर छूट मिलेगी।
पर्सनल यूज के लिए मंगाए गए सभी गुड्स पर टैरिफ 20 से घटाकर 10% किया गया है।
कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी में छूट मिलेगी।
सिविलियन एयरक्राफ्ट पार्ट्स बनाने के लिए मटेरियल इम्पोर्ट करने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए संवर्धन योजना का प्रस्ताव
सीतारमण ने कहा- नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें नारियल उगाने वाले मुख्य राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।
भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।