वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर से 7 किलोमीटर दूर लहरतारा इलाके में मंगलवार सुबह साढ़े 7 बजे खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फट गया। इस धमाके में पूरा मकान ढह गया। भाई-बहन की मौत हो गई। मां और बड़ा बेटा मलबे में दब गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला और बीएचयू ट्रामा सेंटर में भेजा।
धमाका इतना भीषण था कि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं। लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। भागकर मदद के लिए पहुंचे। हादसे में जिन भाई-बहन की जान गई, उनकी पहचान ओम कुमार चौधरी (31) और प्रीती उर्फ लक्ष्मी (28) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त घर में 4 लोग ही मौजूद थे। मौके पर NDRF की टीम भी पहुंची है।
सिलेंडर फटने की वजह से हुआ हादसा
एडीसीपी वरुणा जोन नीतू कादयान ने बताया कि एक मंजिला मकान गिरने की सूचना मिली थी। हादसा सिलेंडर फटने की वजह से हुआ। फील्ड यूनिट और फायर कर्मी मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों की मदद से चार लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर्स ने दो को मृत घोषित कर दिया।

लहरतारा इलाके में गिरिजा देवी (60) का मकान है। यहां अपने दो बेटों अमन चौधरी (33), ओम और बेटी प्रीती उर्फ लक्ष्मी के साथ रहती हैं। अमन प्राइवेट नौकरी करता है। ओम ड्राइवर था। किराए पर कार चलाता था, जबकि प्रीति पढ़ाई कर रही थी और घर के काम में मां का हाथ बंटाती थी। गिरिजा के पति आत्मा प्रसाद की 3 साल पहले मौत हो चुकी है।
करीब 50 साल पुराना था मकान
गिरिजा का मकान करीब 50 साल पुराना है। पीछे का हिस्सा हाल ही में बनवाया था। उसकी फिनिशिंग का काम चल रहा था। आगे का 400 वर्गफीट हिस्सा जर्जर था। हादसे के वक्त सभी इसी हिस्से में थे। सुबह गिरिजा देवी किचन में खाना बना रही थीं। तभी सिलेंडर से गैस लीक होने लगी। पाइप में आग लग गई। जब तक वो कुछ समझ पातीं, तेज धमाका हो गया। मकान भराभराकर ढह गया।
धमाका सुनकर आसपास लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों के साथ रेस्क्यू शुरू किया। चारों लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने दो को मृत घोषित कर दिया। डीआईजी शिवहरि मीणा ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। फिलहाल, जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।