BMC Election: बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘धुरंधर देवेंद्र’ पोस्टर लगाए गए। भाजपा ने 227 में से 89 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। मुंबई में बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। देश की सबसे समृद्ध बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में अपना मेयर बनाने का भाजपा का 45 साल पुराना सपना पूरा होने जा रहा है। करीब तीन दशक से चल रहा ठाकरे परिवार का राज खत्म हो गया है।
मुंबई में ‘धुरंधर देवेंद्र’ के लगे पोस्टर
इसी बीच शहर के कई इलाकों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरों वाले ‘धुरंधर देवेंद्र’ पोस्टर लगाए गए हैं, जो चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। ये पोस्टर मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तजिंदर सिंह तिवाना की ओर से लगाए गए हैं, जो हाल ही में नगरसेवक भी चुने गए हैं। पोस्टरों के जरिए भाजपा ने बीएमसी चुनाव में अपनी मजबूत मौजूदगी और नेतृत्व को रेखांकित करने की कोशिश की है। चुनाव नतीजों की बात करें तो 227 वार्डों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका में भाजपा ने सबसे ज्यादा 89 सीटें जीतकर खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया है।
#WATCH | Mumbai: "Dhurandhar Devendra" posters featuring CM Devendra Fadnavis put up at various places in Mumbai by Tajinder Singh Tiwana, president of the Mumbai BJP Yuva Morcha, who was also elected as a corporator yesterday.
In the BMC elections, out of 227 wards, the BJP… pic.twitter.com/wqQsTZLfVj
— ANI (@ANI) January 17, 2026
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘धुरंधर देवेंद्र’ जैसे पोस्टर भाजपा की जीत का उत्सव मनाने के साथ-साथ यह संदेश भी देते हैं कि मुंबई की राजनीति में पार्टी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पकड़ मजबूत होती जा रही है। वहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) को 65 सीटें, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें और कांग्रेस को 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा। इसके अलावा एमआईएमआईएम ने 8, मनसे ने 6, एनसीपी ने 3, समाजवादी पार्टी ने 2 और एनसीपी (एसपी) ने 1 सीट जीती है।
29 में से 25 महानगरपालिकाओं में लहराया भगवा
राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, पनवेल व नासिक में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बड़ी जीत मिली है। भाजपा ने पुणे व पिंपरी चिंचवाड़ में पवार परिवार को मात दी है, जहां चाचा-भतीजे की पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। चार निकायों को छोड़कर सभी निकायों में कहीं भाजपा अकेले तो कहीं शिवसेना के साथ सत्तासीन होगी। भाजपा की स्थापना के 45 वर्षों में पहली बार बीएमसी में भाजपा का महापौर बनेगा।