Congress: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा–जेडीयू सरकार ने छठ महापर्व के पवित्र अवसर पर समूचे बिहार की धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई है। देश के कोने-कोने से बिहार लौट रहे लाखों श्रद्धालु आज रेल की टॉयलेट में सोने को मजबूर हैं, यह दृश्य न केवल मानवता को तार-तार करता है, बल्कि बिहार की लोक-आस्था के साथ निर्मम कुठाराघात भी है।
किया पलायन को मजबूर, आस्था हुई चकनाचूर
अविनाश पाण्डेय ने कहा, भाजपा–जेडीयू सरकार ने बिहार के करोड़ों लोगों को पहले तो पलायन के लिए मजबूर किया। ख़ुद केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर बिहार से पलायन कर मजदूरी के लिए मजबूर किए गए लोगों की संख्या 3 करोड़ 18 लाख दर्ज है। और जब वे अपनी पूरी आस्था के साथ घर लौट रहे हैं, तब केंद्र सरकार ने छठ पूजा जैसे महापर्व के दौरान बिहार की गरिमा और श्रद्धा को अपमानित किया है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद, लुधियाना, अमृतसर और बेंगलुरु जैसे कई शहरों से आने वाली विशेष ट्रेनों में यात्री फर्श पर और शौचालयों में रात गुज़ार रहे हैं। यह दृश्य बिहार की आत्मा को झकझोर देने वाला है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री ने ‘12 हज़ार स्पेशल ट्रेनों’ की घोषणा कर सुर्खियाँ बटोरीं, लेकिन बिहार के हिस्से में आई केवल गिनती की ट्रेनें भी अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था की शिकार हैं। यह आँकड़ा दिखाता है कि केंद्र सरकार के लिए बिहार के श्रद्धालु दूसरे दर्जे के नागरिक हैं। जब बिहार के लाखों परिवार अपने घर लौटकर छठ मनाने निकलते हैं, तब रेलवे की अव्यवस्था उन्हें अपमान और पीड़ा का अनुभव कराती है।
कांग्रेस की मांग
-
-बिहार आने-जाने वाली सभी प्रमुख रूटों पर तत्काल अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जायें
-
-रेलवे स्टेशनों पर राहत शिविर, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
-
-बिहार के धार्मिक यात्रियों के साथ इस अमानवीय व्यवहार के लिए प्रधानमंत्री व रेल मंत्री सार्वजनिक माफ़ी मांगें।