Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में धांधली करने और फर्जी वोटर बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपवित्र करने का प्रयास है, जिसे सपा सफल नहीं होने देगी। मंगलवार को अखिलेश ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा से जुड़े लोग वोट बनाने की प्रक्रिया में हेराफेरी करते पकड़े गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए पार्टी सभी बूथ प्रभारियों को एफआईआर का प्रारूप भेज रही है ताकि हर स्तर पर निगरानी रखी जा सके।
आंकड़ों में इतना अंतर कैसे? अखिलेश
अखिलेश यादव ने एसआईआर को सीधे तौर पर एनआरसी करार दिया और कहा कि चुनाव आयोग से वह काम कराया जा रहा है जो गृह मंत्रालय का था। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा चार करोड़ वोट कटने की स्वीकारोक्ति को मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का सबूत बताया। सपा अध्यक्ष ने केंद्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में भारी अंतर पर भी सवाल उठाए। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश में 12 करोड़ 56 लाख मतदाता हैं, जबकि राज्य की सूची में अकेले ग्रामीण क्षेत्रों में 12 करोड़ 69 लाख मतदाता दर्ज हैं। शहरी मतदाताओं को जोड़ने पर यह संख्या 17 करोड़ से अधिक हो जाती है। उन्होंने पूछा कि जब बीएलओ और अधिकारी वही हैं तो आंकड़ों में इतना अंतर कैसे हो सकता है।
भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप
भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता उनके साथ नहीं है। उन्होंने भाजपा पर भूमाफिया की तरह काम करने और सरकारी व गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जे कराने का आरोप लगाया। अखिलेश के अनुसार, हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का कोई नामोनिशान नहीं रहेगा।