- कांग्रेस विधानमंडल नेता आराधना मिश्रा ने सरकार से मांगा पिछले बजट का हिसाब
लखनऊ: योगी सरकार द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2025-2026 बजट को कांग्रेस पार्टी ने युवाओं, किसानों और महिलाओं सहित आम आदमी के लिए निराशाजनक करार दिया है और इसे प्रदेशवासियों को गुमराह करने वाला बताया है। कांग्रेस विधानमंडल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा की योगी सरकार ने बजट को इवेंट बना दिया है, जब बजट खर्च नहीं हो पा रहा है तो बढ़ाने का दिखावा क्यों? पिछला बजट भी मात्र 52 से 54% खर्च हुआ तो संख्या बढ़ाने से क्या फायदा? बजट की सामूहिक जिम्मेदारी पूरे कैबिनेट की होती है लेकिन जब बजट पेश किया जा रहा था तो सदन में प्रदेश सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री अनुपस्थित थे। इससे पता चलता है कि सरकार पेश किए गए बजट के प्रति सामूहिक रूप से कितना उदासीन है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को इस बार बजट से बड़ी उम्मीदें थी कि उनके लिए सरकार विशेष सहायता कोष बनाएगी लेकिन किसानों को निराशा मिली है, बजट में युवाओं को रोजगार को लेकर कोई ठोस नीति न बनाकर, सिर्फ आउट सोर्सिंग पर छोड़कर धोखा दिया गया है। सबसे बड़ा धोखा प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं को मिला है, सरकार ने प्रत्येक बजट में वादा किया था उसी तरह इस बजट में भी झूठा वादा गैस सिलेंडर, स्कूटी का किया गया है। यह बजट उसी पुराने बजट की फोटोकॉपी दिखाई पड़ती है।
पिछले बजट का हिसाब किताब क्यों नहीं देती सरकार?
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सरकार पिछले बजट का हिसाब किताब क्यों नहीं देती? अस्पतालों में बेड नहीं हैं, दवाई नहीं है, स्कूलों में शिक्षक नहीं है और सामाजिक सुरक्षा के नाम पर दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार हो रहा है, उनकी सुरक्षा को लेकर आवंटित बजट का खर्च सरकार सदन में बताए। सरकार का ध्यान प्रदेश के विकास पर न होकर सिर्फ बजट का आकार बड़ा करने पर केंद्रित है, जिसका प्रमाण है कि पिछले बजट को भी बड़ा किया गया। प्रदेश वासियों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, पिछले वित्तीय वर्ष में मात्र 52 से 54% ही खर्च हो पाया, इसकी जवाब देही किसकी है? क्या सरकार पिछले बजट को खर्च न कर पाने पर प्रदेश वासियों से माफी मांगेगी, सच्चाई यह है कि प्रदेश के लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर गुमराह किया जा रहा है।
दंगाइयों को संरक्षण दे रही डबल इंजन सरकार
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता ने कहा की सरकार ने बजट में दंगे ना होने की बात कही है जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश में हिंसक और दंगे की की घटनाएं बढ़ गई हैं, सरकार दंगाइयों को संरक्षण दे रही है, भाजपा कहती है हमारी सरकार डबल इंजन की है, लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष का आधा बजट खर्च नहीं हो पाया अब दोबारा प्रत्येक वर्ष की भांति बजट में आंकड़ों की बाजीगरी कर बड़ा बनाने का इवेंट करने की तैयारी है। महाकुंभ का बजट इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि बजट बढ़ाया गया लेकिन अव्यवस्था चरम पर थी, जिसकी वजह से हजारों श्रद्धालुओं की जान चली गई।