उत्तर प्रदेश, राजनीति

रामपुर में बर्ड फ्लू की दस्तक, बरेली CARI ने की पुष्टि; संस्‍थान में बाहरी व्‍यक्तियों और वाहनों का प्रवेश बंद

रामपुर में बर्ड फ्लू की दस्तक, बरेली CARI ने की पुष्टि; संस्‍थान में बाहरी व्‍यक्तियों और वाहनों का प्रवेश बंद

बरेली: प्रदेश के कई जिलों में बीते महीनों में बर्ड फ्लू के मामलों ने सबको डराया है। इसी बीच रामपुर से आए मुर्गियों के सैंपल की जांच में भी बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा H5 वायरस) की पुष्टि हुई है। बरेली के इज्जतनगर स्थित आईवीआरआई के केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) में हुई जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD) से भी कन्फर्मेशन कराया गया, जहां से भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई।

CARI संस्थान में बाहरी व्यक्तियों और वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अधिकारियों के वाहन भी अब बाहर खड़े किए जाएंगे। पक्षियों के लिए पानी भरने के स्थानों को ढकने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बाहर से आने वाले प्रवासी या अन्य पक्षियों में संक्रमण न फैले।

इंसानों में भी फैल सकता है खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, बर्ड फ्लू आमतौर पर पक्षियों में फैलता है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क या उनके अधपके मांस और अंडों के सेवन से यह इंसानों में भी पहुंच सकता है। इंसानों में यह वायरस बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में निमोनिया का कारण बन सकता है। हालांकि, पकाकर खाने से यह वायरस नष्ट हो जाता है।

IVRI के डायरेक्टर डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि रामपुर से पांच मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए आए थे। CARI में जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद, भोपाल लैब से भी जांच कराई गई, जहां से भी पॉजिटिव रिपोर्ट आई। इसके बाद तुरंत रामपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) को सूचना दी गई और गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी कर दिए गए।

बर्ड फ्लू से बचाव की गाइडलाइन

  • चिकन और अंडे- अधपका मांस या आधे उबले अंडे न खाएं। मांस को कम से कम 70°C तापमान पर पूरी तरह पकाएं।
  • सीधा संपर्क न करें– मृत या बीमार पक्षियों को हाथ न लगाएं। ऐसी सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को दें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता- मुर्गी या अंडे को छूने के बाद साबुन से हाथ धोएं।
  • मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल– पोल्ट्री फॉर्म, चिकन मार्केट या संक्रमित इलाके में जाते समय मास्क और डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें।
  • संक्रमित क्षेत्र से दूरी- संक्रमित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
  • बाहरी पक्षियों से सुरक्षा- घर के पालतू पक्षियों को बाहर से आने वाले पक्षियों के संपर्क में न आने दें।
  • लक्षण दिखने पर जांच- तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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