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Bareilly News: बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट, मुर्गियों-अंडों की सप्लाई रोकी

Bareilly News: बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट, मुर्गियों-अंडों की सप्लाई रोकी

Bareilly News: पड़ोसी जिले रामपुर में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद बरेली जनपद में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। रामपुर से आने वाली मुर्गियों व अंडों की सप्लाई रोक लगा दी गई है। पशुपालन विभाग ने सभी छह चौकियों को सक्रिय कर दिया है। यही नहीं, डिप्टी सीवीओ को पोल्ट्री फार्मों पर नजर रखने और बाहर से आने वाले मुर्गों-मुर्गियों और अंडों की सप्लाई की निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है। तहसील स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमें सक्रिय की जा रही हैं।

जिले में 110 पोल्ट्री फार्मों में मुर्गा-मुर्गियों की संख्या 3.20 लाख बताई जा रही है। पोल्ट्री फार्म मालिकों को भी सचेत किया गया है। पड़ोसी जिले में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद से पोल्ट्री फार्म के मालिक भी परेशान हैं। सीवीओ डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि बर्ड फ्लू मामले में डीएम की अध्यक्षता में बैठक भी हुई है। इसमें एहतियात बरतते हुए जिले में मुर्गियों व अंडों की सप्लाई रोकने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए डीएम की तरफ से एडवायजरी जारी की जाएगी। साथ ही जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने के लिए पुलिस का सहयोग लेने को कहा गया है।

अभी तक बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं

डिप्टी सीवीओ को भी मुर्गी व अंड़ों के परिवहन पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीवीओ ने कहा कि अभी तक बरेली में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, विभाग ने सैंपल लेने का दायरा बढ़ा दिया है। जून महीने में 360 सैंपल की जांच कराई थी, जो निगेटिव थी। इसी तरह जुलाई में भी सीरम, नेसल और क्लोएकल के कुल 370 सैंपल केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट भी नहीं आई है। सीवीओ डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि पोल्ट्री फार्मों से बर्ड   फ्लू जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं।

बर्ड फ्लू से बचाव के लिए शासन ने जारी किए निर्देश

बर्ड फ्लू से बचाव के लिए प्रमुख सचिव पशुधन अमित घोष व निदेशक डॉ. राजीव सक्सेना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग की। कांफ्रेंसिंग के बाद अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. मदन पाल सिंह ने बताया कि निर्देश मिले हैं कि बुधवार तक जिला स्तर पर डीएम एडवायजरी जारी करें। जितने भी पोल्ट्री फार्म या मुर्गी पालक हैं, उनके यहां सतत निगरानी की जाए। प्रतिदिन सैंपल लेकर उनकी जांच कराई जाए। जिला व तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित करने के निर्देश हुए हैं। साथ ही तहसील स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम को भी सक्रिय किया गया है।

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