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Bareilly: मरीज को ऑटो में लिटाकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे परिजन, खोली स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल!

Bareilly: मरीज को ऑटो में लिटाकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे परिजन, खोली स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल!

Bareilly: मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक पीड़ित के परिजन बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को पूरी तरह बेपटरी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। गलत ऑपरेशन कर मरीज की जान खतरे में डालने वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज परिजन मरीज को ऑटो में लिटाकर सीएमओ कार्यालय पहुंच। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से झोलाछाप खुलेआम क्लीनिक चला रहे हैं और शिकायत के बावजूद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा रहा।

बारादरी के डोहरा गौटिया निवासी शिशुपाल अपने बेटे अजय को लेकर कार्यालय पहुंचे। अजय ऑटो में लेटा रहा और लगातार उल्टियां करता रहा। परिजनों के अनुसार उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी और वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गया था।

पेट दर्द के इलाज में कर दिया ऑपरेशन

शिशुपाल ने बताया कि करीब एक माह पहले बेटे को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। जांच रिपोर्ट लेकर वह पीलीभीत बाईपास स्थित प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक पहुंचे, जहां जयवीर नामक व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताया। आरोप है कि उसने पेशाब की जगह में पानी भरने की बात कहकर ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद 25 दिनों तक क्लीनिक बुलाकर पट्टी की गई और तीन बार टांके लगाए गए, लेकिन रक्तस्राव नहीं रुका। हालत बिगड़ने पर परिवार को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ।

क्लीनिक सील, मगर मुकदमा नहीं

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, क्लीनिक सील करा दिया गया है, लेकिन आरोपी के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब क्लीनिक अवैध था तो कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। परिजनों ने अधिकारियों पर साठगांठ का आरोप लगाया। वहीं मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। वहीं, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि संबंधित क्लीनिक को सील कर दिया गया है। सीएमओ ने बरेली वासियों से अपील की कि वे अपना इलाज जिला अस्पताल या पंजीकृत सरकारी-मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही कराएं, ताकि झोलाछाप डॉक्टर किसी भी तरह मरीजों का फायदा न उठा सकें।

Bareilly: Family members arrived at the CMO office with the patient lying in an auto-rickshaw, exposing the shortcomings of the healthcare system!

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