उत्तर प्रदेश, राजनीति

इस्‍तीफे के बाद बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का बड़ा आरोप, बोले- मुझे डीएम आवास में बंधक बनाया गया, गाली दी गई

इस्‍तीफे के बाद बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का बड़ा आरोप, बोले- मुझे डीएम आवास में बंधक बनाया गया, गाली दी गई

बरेली: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का कारण UGC का नया कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई है। सोमवार शाम करीब साढ़े 7 बजे सिटी मजिस्ट्रेट डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे।

बाहर आने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि मुझे डीएम आवास पर बंधक बनाकर रखा गया। लखनऊ से डीएम के पास फोन आया। गाली देते हुए कहा गया पंडित पागल हो गया है। इसको रातभर बंधक बनाकर रखो। मीडिया को मैंने पहले ही बता दिया था। SSP के कहने पर मुझे छोड़ा गया। मैं अपनी जान बचाकर भागा हूं। मुझे दो घंटे के अंदर आवास खाली करने को कहा गया है। पुलिस ने उनके आवास पर लगे टेंट को भी हटवा दिया है।

इससे पहले अलंकार अग्निहोत्री अपने आवास के बाहर एक पोस्टर लिए खड़े दिखे, जिस पर लिखा था- UGC_ ROLL BACK काला कानून वापस लो, शंकराचार्य और संतों का यह अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, #BOYCOTT BJP #BOYCOTT BRAHMAN MP MLA.

5 पेज का एक पत्र भी लिखा

अलंकार अग्निहोत्री ने 5 पेज का एक लेटर भी लिखा। जिसमें उन्होंने कहा- ‘प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों की चोटी पकड़ी गई।’ उन्होंने लिखा- ऐसी घटना किसी भी साधारण ब्राह्मण को अंदर से हिला देती है। ऐसा लगता है कि प्रशासन और मौजूदा सरकार ब्राह्मणों और साधु-संतों के खिलाफ काम कर रही है। उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ब्राह्मणों की बात करने वाला कोई नहीं है। उन्‍होंने सवाल पूछा- क्या ब्राह्मणों के नरसंहार की तैयारी है। सिटी मजिस्ट्रेट को मनाने के लिए ADM के साथ तीन अन्य अफसर पहुंचे थे। चारों अफसर करीब एक घंटे सिटी मजिस्ट्रेट के आवास में रहे। फिर लौट गए।

सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कई ब्राह्मण संगठनों के नेता अलंकार अग्निहोत्री से मिलने पहुंचे। आवास के बाहर ब्राह्मण नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। ब्राह्मण वर्ग से आने वाले अलंकार अग्निहोत्री 2019 में PCS अफसर बने थे। उनकी 15वीं रैंक आई थी। अलंकार ऑफिस में भगवान बजरंगबली की तस्वीर लगाकर चर्चा में आए थे। भीम आर्मी ने कलेक्ट्रेट में हंगामा भी किया था। इस दौरान अफसर से नोकझोंक भी हुई थी।

शंकराचार्य बोले– सरकार को परिणाम का अनुमान लगा लेना चाहिए

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने नगर मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर कहा कि शंकराचार्य का जो सम्मान है, वह सनातन प्रेमियों के हृदय में बहुत गहरा बना हुआ है। उसको आहत करने का क्या परिणाम होगा, इस बात का अनुमान इसी घटना से लगाना चाहिए।

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